मप्र : पिकनिक के दौरान नदियों के संगम पर फंसे चार लोग 11 घंटे के अभियान के बाद बचाए गए

मप्र : पिकनिक के दौरान नदियों के संगम पर फंसे चार लोग 11 घंटे के अभियान के बाद बचाए गए

मप्र : पिकनिक के दौरान नदियों के संगम पर फंसे चार लोग 11 घंटे के अभियान के बाद बचाए गए
Modified Date: July 31, 2026 / 09:06 am IST
Published Date: July 31, 2026 9:06 am IST

खंडवा, 31 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में दो नदियों के संगमस्थल पर पिकनिक मनाने के दौरान तेज बारिश के बाद जलस्तर अचानक बढ़ने से टापू पर फंसे चार लोगों को राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (एसडीईआरएफ) ने करीब 11 घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण अभियान के तहत शुक्रवार तड़के सकुशल बचा लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि बचाए गए लोगों की पहचान हुजेफा हामिद (40), मयंक उर्फ गोपाल (16), अली असगर (35) और आयुष (18) के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि चारों लोग बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर सुक्ता और आवना नदियों के संगम स्थल हांडीकुंडी क्षेत्र में पिकनिक मनाने गए थे।

अधिकारियों के अनुसार तेज बारिश से नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया और वे एक टापू पर फंस गए।

उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार शाम छह बजकर 15 मिनट पर पुलिस नियंत्रण कक्ष से सूचना मिलने पर एसडीईआरएफ का दल मौके पर पहुंचा और बचाव अभियान शुरू किया।

अधिकारियों ने बताया, ‘‘शुरुआती प्रयास में सुरक्षा रस्सियों के सहारे मोटरबोट को टापू तक पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन तेज बहाव के कारण यह बेहद जोखिमपूर्ण साबित हुआ।’’

अधिकारियों के मुताबिक इस स्थिति में बचावकर्मियों और टापू पर फंसे लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जलस्तर कम होने की प्रतीक्षा की गई और वैकल्पिक बचाव योजनाओं पर काम जारी रखा गया।

उन्होंने कहा, ‘‘फंसे लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्रोन की मदद से टापू तक ‘लाइफ जैकेट’, भोजन और पेयजल पहुंचाया गया। इससे उन्हें राहत मिली और जलस्तर कम होने तक वे सुरक्षित बने रहे। मोबाइल फोन के जरिए भी उनसे लगातार संपर्क बनाए रखा गया और उनका मनोबल बढ़ाया जाता रहा।’’

अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर में आंशिक कमी आने के बाद सुरक्षा रस्सियों से नियंत्रित मोटरबोट को तेज जलधारा के बीच टापू तक पहुंचाया गया और करीब 11 घंटे तक चले अभियान के बाद शुक्रवार तड़के चार बजकर 45 मिनट पर चारों लोगों को सकुशल बचा लिया गया।

भाषा सं हर्ष सिम्मी खारी

खारी


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