सर्किट हाउस मामले में महुआ मोइत्रा ने तीन अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया
सर्किट हाउस मामले में महुआ मोइत्रा ने तीन अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया
नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर स्थित सर्किट हाउस को 14 अगस्त की देर रात खाली करने का आदेश दिए जाने के मामले में तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।
सांसद ने अधिकारियों पर गंभीर प्रोटोकॉल उल्लंघन और अवमाननापूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया है।
लोकसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली के नियम 222 के तहत 16 अगस्त को भेजे गए नोटिस में मोइत्रा ने नादिया के जिलाधिकारी श्रीकांत पल्ली, अपर जिलाधिकारी (एडीएम) नृपेंद्र सिंह और नजारत उप-जिलाधिकारी अनामिका बेरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कृष्णानगर की सांसद ने आरोप लगाया कि अधिकारियों का यह आचरण उन्हें संसदीय दायित्वों का निर्वहन करने से रोकने के “व्यापक प्रयास” का हिस्सा था।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से बिना किसी भय या उत्पीड़न के अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने के लिए सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध किया है।
नोटिस के अनुसार, मोइत्रा ने मानसून सत्र के बाद पश्चिम बंगाल लौटने से पहले 13 अगस्त को लोकसभा अध्यक्ष को अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे की जानकारी दी थी और सुरक्षा मांगी थी।
उन्होंने बताया कि वह 14 अगस्त की शाम करीब सवा छह बजे नादिया सर्किट हाउस पहुंचीं। हालांकि, रात 9:47 बजे एडीएम ने उन्हें फोन कर परिसर खाली करने को कहा। कारण पूछने पर एडीएम ने कथित तौर पर बताया कि यह आदेश “ऊपर से आए हैं।”
अपने नोटिस में मोइत्रा ने गृह मंत्रालय के प्रोटोकॉल क्रम का हवाला देते हुए कहा कि सांसदों का स्थान 21वें क्रम पर है। उन्होंने कहा कि अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर आए सांसद को सर्किट हाउस में ठहराया जाना चाहिए और जब तक कोई अन्य उच्च अधिकारी मौजूद न हो, तब तक उन्हें वहां से जाने के लिए नहीं कहा जा सकता।
मोइत्रा ने यह भी कहा कि उन्होंने एक जुलाई को भाजपा सदस्यों द्वारा कथित तौर पर की गई हिंसा की घटना को लेकर पांच जुलाई को कृष्णानगर के पुलिस अधीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बिरला से नवीनतम नोटिस पर तत्काल संज्ञान लेने और जिले के तीनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए इसे विशेषाधिकार समिति को भेजने का आग्रह किया।
भाषा खारी वैभव
वैभव

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