मंगलुरु कुकर बम विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी को 10 वर्ष की सजा
मंगलुरु कुकर बम विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी को 10 वर्ष की सजा
बेंगलुरु/मंगलुरु, 27 अप्रैल (भाषा) बेंगलुरु की एक विशेष राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अदालत ने मंगलुरु कुकर बम विस्फोट मामले में सोमवार को मुख्य आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और उस पर 94,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
मोहम्मद शरीक ने शुरुआत में इस मामले में निर्दोष होने का दावा किया था, लेकिन बाद में दिसंबर, 2025 में सीआरपीसी की धारा 229 के तहत अपना जुर्म कबूल कर लिया जिसे विशेष अदालत ने स्वीकार किया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, शरीक एक ऑटो रिक्शा में प्रेशर कुकर आईईडी ले जा रहा था और कथित तौर पर उसकी योजना मंगलुरु के कादरी मंजूनाथ मंदिर में इसे लगाने की थी जिससे हिंदू समुदाय के बीच आतंक फैलाया जा सके। हालांकि, दुर्घटनावश यह बम 19 नवंबर, 2022 को रास्ते में फट गया।
अदालत ने अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 5,000 रुपये जुर्माना भी लगाया। अदालत ने इसी मामले में दूसरे आरोपी की न्यायिक हिरासत 21 मई, 2026 तक के लिए बढ़ा दी।
इस बीच, मंगलुरु में विश्व हिंदू परिषद ने कुकर बम विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी को सजा सुनाए जाने का स्वागत करते हुए यहां ब्रह्मा बैदरकला गारदी क्षेत्र में सोमवार को एक विशेष सभा की।
शरण पंपवेल के नेतृत्व में विहिप नेताओं ने आरोपी को दी गई सजा बढ़ाए जाने की मांग की। पंपवेल ने केंद्र सरकार से मंगलुरु में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का एक कार्यालय स्थापित करने का आग्रह किया।
भाषा सं राजेंद्र शोभना
शोभना

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