तिरुवनंतपुरम, 20 जून (भाषा) मशहूर मलयालम कवि, साहित्य समीक्षक और पद्म श्री से सम्मानित पी. नारायण कुरुप का शनिवार को यहां उनके घर में उम्र संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
कुरुप को साहित्य और शिक्षा में योगदान के लिए 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। उन्हें केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार, केरल पाणिनी पुरस्कार और वल्लथोल पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया था।
अलाप्पुझा जिले के हरिपाद में 1934 में पैदा हुए कुरुप ने 1956 में शिक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया। अपने लंबे साहित्यिक और शैक्षणिक करियर के दौरान, उन्होंने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय और केरल भाषा संस्थान में संपादक और अनुसंधान अधिकारी के रूप में भी काम किया।
कुरुप के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि कुरुप का निधन मलयालम साहित्य की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वहीं मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने भी कवि के निधन पर दुख व्यक्त किया।
विपक्ष के नेता पिनराई विजयन और भाजपा के राज्य प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने भी वरिष्ठ कवि-आलोचक के निधन पर शोक जताया।
भाषा अविनाश शफीक
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