एनआईए अधिकारी और उनकी पत्नी की हत्या के मामले में दोषी करार व्यक्ति बरी

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एनआईए अधिकारी और उनकी पत्नी की हत्या के मामले में दोषी करार व्यक्ति बरी

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  • Publish Date - April 8, 2026 / 08:55 PM IST,
    Updated On - April 8, 2026 / 08:55 PM IST

प्रयागराज, आठ अप्रैल (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2016 में एनआईए के एक अधिकारी और उनकी पत्नी की हत्या के मामले में दोषी व्यक्ति को दी गई मृत्यु दंड की सजा रद्द करते हुए उसे जेल से तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया है।

एनआईए अधिकारी मोहम्मद तंजिल और उनकी पत्नी फरजाना की 2-3 अप्रैल, 2016 की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बिजनौर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दो आरोपियों- मुनीर और रैयान को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। जहां मुनीर की लंबी बीमारी के बाद अस्पताल में मृत्यु हो गई थी, रैयान सात अप्रैल, 2016 से जेल में है।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की एकल पीठ ने कहा, “निचली अदालत ने अपीलकर्ता को मृत्युदंड की सजा देने में गंभीर भूल की है जो इस तथ्य से समझा जा सकता है कि हमारे तंत्र में व्याप्त भय की श्रेणी में निचली अदालत सबसे निचले पायदान पर है।”

अदालत ने कहा, “इसलिए, इस अदालत का विचार है कि निचली अदालत द्वारा पारित निर्णय और आदेश को दरकिनार किया जाना चाहिए। इस प्रकार, अपीलकर्ता को सभी आरोपों से बरी किया जाता है और यदि वह किसी अन्य मामले में गिरफ्तार नहीं है तो उसे तत्काल जेल से रिहा किए जाने का निर्देश दिया जाता है।”

अदालत ने कहा, “इस मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद इस अदालत का मत है कि अभियोजन पक्ष का मामला संदेहों से भरा है और अभियोजन पक्ष के गवाहों के संदिग्ध आचरण की व्याख्या करना मुश्किल है। यह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी और उसकी पत्नी की हत्या का मामला है। यह अधिकारी आतंकवाद के मामलों सहित राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई हाई प्रोफाइल मामले की जांच कर रहा था।”

एकल पीठ ने आगे कहा, “पुलिस बल ने इस मामले को निपटाने के लिए महीनों तक घटनास्थल पर डेरा डाले रखा। इसने कई दिनों तक घटनास्थल के आसपास से कई लोगों को हिरासत में रखा, लेकिन उसे कोई विश्वसनीय सुराग नहीं मिल सका।”

अदालत ने 31 मार्च को दिए अपने निर्णय में कहा, “मृतक अपीलकर्ता मुनीर स्थानीय अपराधी था और अपीलकर्ता रैयान को उसके गिरोह के सदस्य के तौर पर दिखाया गया और पुलिस के दबाव में आकर सरकारी गवाहों ने अपने बयान में उसका नाम लिया और निचली अदालत द्वारा इन्हें दोषी करार देकर सजा सुनाई गई।”

प्राथमिकी के मुताबिक, तंजिल अपनी पत्नी फरजाना, भतीजी जिमनिश और भतीजे शाहबाज के साथ शादी में शामिल होने के बाद अपनी कार से लौट रहे थे। तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों ने उनकी कार रोककर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी जिसमें तंजिल और फरजाना की मृत्यु हो गई थी।

भाषा सं राजेंद्र रंजन

रंजन