नयी दिल्ली, 10 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के कर्मचारी द्वारा कथित तौर पर 6.5 लाख रुपये हड़पने के लिए रची गई फर्जी लूट की साजिश का पर्दाफाश करते हुए उसे और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पूरी रकम भी बरामद कर ली है।
अधिकारियों ने कहा कि यह मामला पीसीआर को चार मई को वजीराबाद थाने में झपटमारी की घटना संबंधी सूचना मिलने के बाद सामने आया।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता आयुष मिश्रा ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह बुराड़ी में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहां काम करता है। उसने कहा कि वह मोटरसाइकिल से राजेंद्र प्लेस 6.5 लाख रुपये से भरा बैग पहुंचाने जा रहा था कि तभी वजीराबाद स्थित पुराने यमुना पुल के पास शिव मंदिर के निकट मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने नकदी से भरा बैग छीन लिया।
इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों की सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की।”
पुलिस के अनुसार, फुटेज की पड़ताल में पता चला कि कथित झपटमारों के पीछे चलते समय मिश्रा मुस्कुरा रहा था और उसके पास वही बैग था, जिससे पुलिस को शक हुआ।
इसने कहा कि कथित घटना अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे हुई थी, जबकि पीसीआर को करीब ढाई घंटे बाद शाम छह बजे सूचना दी गई।
अधिकारी ने कहा, “पूछताछ के दौरान मिश्रा बार-बार अपने बयान बदल रहा था और पीसीआर को देरी से सूचना देने का संतोषजनक कारण नहीं बता सका। लगातार पूछताछ के बाद उसने स्वीकार किया कि लूट की योजना उसने अपने साथी आशु और आकाश के साथ मिलकर बनाई थी। दोनों बुराड़ी के कौशिक एन्क्लेव के निवासी हैं।”
पुलिस के अनुसार, मिश्रा की निशानदेही पर 2.5 लाख रुपये बरामद किए गए। इसके बाद छापेमारी में आशु की मोटरसाइकिल मरम्मत की दुकान से दो लाख रुपये और आकाश के घर से दो लाख रुपये बरामद हुए। साजिश में इस्तेमाल की गई दोनों मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई हैं।
इसने कहा कि मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है और वह करीब पांच महीने पहले दिल्ली आया था तथा लगभग दो महीने पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट के यहां काम शुरू किया था।
भाषा राखी नेत्रपाल
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