आतंकवादी डेटा और गुप्त नेटवर्क का इस्तेमाल करके गतिविधियां संचालित करते हैं: सिन्हा

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आतंकवादी डेटा और गुप्त नेटवर्क का इस्तेमाल करके गतिविधियां संचालित करते हैं: सिन्हा

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 08:15 PM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 08:15 PM IST

श्रीनगर, 10 मई (भाषा) जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि सबसे खतरनाक आतंकवादी डेटा और गुप्त नेटवर्क का इस्तेमाल करके अपनी गतिविधियां सीमा पार से संचालित करते हैं।

सिन्हा ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, “आज दुनिया के सबसे खतरनाक अपराधी और आतंकवादी हमेशा हथियार लेकर नहीं चलते; बल्कि वे कोड, डेटा और गुप्त नेटवर्क का इस्तेमाल करके सीमा पार से काम करते हैं। ये अब दूर के भविष्य के खतरे नहीं; ये वर्तमान की कड़वी सच्चाई हैं।”

उपराज्यपाल हाल में भर्ती हुए पुलिस कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद उन्हें संबोधित कर रहे थे।

जम्मू कश्मीर सेवा चयन बोर्ड द्वारा आयोजित पारदर्शी और योग्यता-आधारित परीक्षा के माध्यम से लगभग 4,000 रंगरूटों का चयन किया गया।

सिन्हा ने नये रंगरूटों को बधाई दी और उनसे पूर्ण निष्ठा, निष्पक्षता और राष्ट्रीय सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, “जम्मू कश्मीर पुलिस में शामिल होना केवल एक करियर विकल्प नहीं है, बल्कि बलिदान की विरासत को स्वीकार करना है। मुझे विश्वास है कि आप इस अवसर पर खरे उतरेंगे और इस गौरवशाली बल का सम्मान बनाए रखेंगे।”

जम्मू कश्मीर पुलिस के बहादुर जवानों को नमन करते हुए सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर के नागरिकों को जो शांति और प्रगति मिली है, वह बहादुर पुलिसकर्मियों के अटूट संकल्प और बलिदान का परिणाम है।

उन्होंने कहा, “जम्मू कश्मीर पुलिस निस्वार्थ सेवा, कर्तव्य, बलिदान और जनविश्वास का प्रतीक है। इसे कानून के शासन को बनाए रखने और आतंकवाद रोधी अभियानों को अंजाम देने में उत्कृष्टता के मानक के रूप में मान्यता प्राप्त है।”

उपराज्यपाल ने आंतरिक सुरक्षा के बदलते परिदृश्य पर भी बात की और पुलिस अभियानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने पुलिस से बल को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु एक रूपरेखा तैयार करने का आग्रह किया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युद्धक्षेत्र भौतिक सीमाओं से परे विस्तारित हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि साइबर अपराध, नार्को-आतंकवाद, डिजिटल धोखाधड़ी और विमर्श युद्ध जैसे आधुनिक खतरे पारंपरिक हथियारों के बजाय तकनीक से प्रेरित हो रहे हैं।

उन्होंने सभी प्रकार के आतंकवाद का उन्मूलन और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पुलिस के सभी विभागों में भर्ती होने वाले जवानों से इन खतरों से निपटने के लिए मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे का लाभ उठाने का आग्रह किया।

भाषा अमित धीरज

धीरज