जमशेदपुर, 30 जून (भाषा) झारखंड के जमशेदपुर में छेड़खानी का विरोध करने पर जिस व्यक्ति पर चाकू से हमला किया गया था, उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मृतक के परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर आरोपियों और उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जिनकी कथित मौजूदगी में युवक पर चाकू से हमला किया गया, तो वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
इस घटना में कथित लापरवाही के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि झारखंड में झामुमो नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद औद्योगिक शहर जमशेदपुर “अपराध का शहर” बन गया है।
पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान हिमांशु सिंह के तौर पर हुई है। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के एक बार में शनिवार रात सिंह और एक अन्य व्यक्ति ने छेड़खानी का विरोध किया था।
उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को अपने वाहन में बैठा लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस के गश्ती वाहन से दोनों लोगों को बाहर खींचकर उन्हें चाकू मार दिया। ‘टाटा मेन हॉस्पिटल’ में भर्ती हिमांशु सिंह की सोमवार शाम मौत हो गई, जबकि दूसरा पीड़ित गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।
इस घटना के बाद बार के मालिक समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने एक बयान में कहा कि उप पुलिस अधीक्षक द्वारा की गई जांच मे गश्ती दल की लापरवाही की पुष्टि हुई है। निलंबित पुलिसकर्मियों की पहचान सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) रतन कुमार दास और राजेश कुमार रंजन तथा कांस्टेबल मनोज कुमार के रूप में की गई है।
भाषा तान्या सुरेश
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