मणिपुर : चार नगा लोगों की हत्या को लेकर विधानसभा में तीखी बहस
मणिपुर : चार नगा लोगों की हत्या को लेकर विधानसभा में तीखी बहस
इंफाल, तीन सितंबर (भाषा) मणिपुर के कांगपोकपी जिले में मई में चार नगा लोगों की हत्या को लेकर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच बृहस्पतिवार को तीखी बहस हुई।
एक सवाल के जवाब में गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने कहा कि घटना के सिलसिले में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
कई नागा नागरिक संगठनों और विधायकों का आरोप है कि कुकी नेशनल फ्रंट (पी) के सदस्य और उसके नेता (जो उप मुख्यमंत्री नेमचा किपजेन के पति हैं) इन हत्याओं में शामिल थे।
इस बारे में कोंथौजम ने कहा, ‘ऐसी कोई ठोस जानकारी नहीं है कि हत्या में केएनएफ (पी) शामिल था या नहीं।’
कोंथौजम ने कहा कि मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘एनआईए देश की प्रमुख जांच एजेंसी है। हम भी समय-समय पर उनके साथ इस मामले पर बात करते रहते हैं। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि न्याय मिले। जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में एजेंसी की ओर से कोई सूचना नहीं मिली है।’
गृह मंत्री के जवाब पर कांग्रेस विधायक के रंजीत सिंह ने कहा, ‘कृपया कड़ी मेहनत करें।’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘सरकार ही एनआईए को सौंप देते हैं।’
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने भी हस्तक्षेप किया और कहा कि सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोप और जांच में सामने आए निष्कर्ष दो अलग-अलग बातें हैं।
उन्होंने कहा, ‘इस हत्या में शामिल होने के आरोप में लेइलोन वैफेई के ग्राम प्रधान को गिरफ्तार करने का दबाव था। हालांकि, जब एनाईए ने मामले की जांच की, तो पता चला कि घटना से एक हफ्ते से अधिक समय पहले से ही ग्राम प्रधान इलाज के लिए गुवाहाटी में थे।’
भाषा
शुभम मनीषा
मनीषा

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