इंफाल, सात सितंबर (भाषा) मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने सोमवार को विधानसभा को बताया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार होने के बाद ही आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) का पुनर्वास और पुनर्स्थापन पूरा किया जाएगा।
कोंथौजाम, कांग्रेस विधायक के. रंजीत सिंह के उस सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने अभूतपूर्व संकट के दौरान आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) की चल संपत्तियों के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार की योजनाओं के बारे में पूछा था।
मंत्री ने संकट से प्रभावित लोगों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और सदन को बताया कि अब तक आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) को उनकी चल संपत्तियों के नुकसान के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।
नुकसान के लिए मुआवजा देने की समयसीमा से जुड़े पूरक सवाल के जवाब में कोंथौजाम ने कहा कि सरकार आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के पुनर्स्थापन और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस मामले पर विचार करेगी।
मई 2023 से राज्य में घाटी में रहने वाले मैइती समुदाय और पहाड़ी जिलों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा के कारण 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
लगातार जातीय हिंसा और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी, 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। करीब एक साल बाद चार फरवरी को इसे हटा दिया गया और वाई. खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद संभाला।
भाषा तान्या वैभव
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