कई संसदीय समितियों का अब तक नहीं हुआ पुनर्गठन

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कई संसदीय समितियों का अब तक नहीं हुआ पुनर्गठन

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  • Publish Date - August 20, 2026 / 07:48 PM IST,
    Updated On - August 20, 2026 / 07:48 PM IST

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) सांसदों के आचरण से जुड़े मामलों को देखने वाली आचार समिति समेत कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब तक पुनर्गठन नहीं हुआ है।

लोकसभा की वेबसाइट के अनुसार, नियम समिति से लेकर आचार समिति तक कई समितियां फिलहाल औपचारिक पुनर्गठन और अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रही हैं।

वित्तीय तथा प्रमुख विभागों से संबंधित स्थायी समितियों का समय-समय पर पुनर्गठन किया जाता है लेकिन आंतरिक और तदर्थ संसदीय समितियों के मामले में प्रशासनिक देरी हुई है।

जिन समितियों का अभी पुनर्गठन नहीं हुआ है, उनमें रेलवे अभिसमय समिति भी शामिल है। यह भारत की संचित निधि और रेलवे के वित्त के बीच वित्तीय संबंधों का मूल्यांकन करती है।

लोकसभा सदस्यों के साथ सरकारी अधिकारियों के प्रोटोकॉल मानदंडों के उल्लंघन और अशोभनीय व्यवहार संबंधी समिति भी फिलहाल अध्यक्ष विहीन है। यह समिति सांसदों के साथ सरकारी अधिकारियों के दुर्व्यवहार से संबंधित शिकायतों की जांच करती है।

आचार समिति सांसदों के नैतिक या अनैतिक आचरण से संबंधित शिकायतों पर विचार करती है।

सामान्य प्रयोजन समिति का भी अभी गठन नहीं हुआ है। यह सदन के आंतरिक मामलों और संचालन संबंधी नियमों पर लोकसभा अध्यक्ष को सलाह देती है।

जिन अन्य समितियों का पुनर्गठन लंबित है, उनमें पटल पर रखे गए पत्रों संबंधी समिति शामिल है। यह सुनिश्चित करती है कि सदन में पेश किए गए सरकारी दस्तावेज और रिपोर्ट वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप हों।

लाभ के पद संबंधी संयुक्त समिति का पुनर्गठन भी लंबित है। यह समिति इस बात की जांच करती है कि किसी पद को धारण करने के कारण कोई सांसद संविधान के अनुच्छेद 102 के तहत संसद की सदस्यता के लिए अयोग्य तो नहीं हो जाता।

भाषा हक हक नरेश

नरेश