नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में कहा कि देश में चुनावों में ईवीएम और मतदाता सूची से जुड़ी ‘‘मैच फिक्सिंग’’ हो रही है, जिसके खिलाफ पार्टी को संसद से लेकर सड़क तक विरोध के साथ-साथ प्रतिरोध के रास्ते से पीछे नहीं हटना चाहिए।
सूत्रों ने यह जानकारी दी।
पार्टी मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में हुई कांग्रेस कार्य समिति की करीब ढाई घंटे चली बैठक में गांधी ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग से जुड़े खुलासे अब सामने आ रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस ने इन मुद्दों को उठाया है।
सूत्रों के मुताबिक, गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने ‘‘वोट चोरी’’ के मुद्दे को मजबूती से उठाया है और हरियाणा, कर्नाटक तथा महाराष्ट्र में चुनावों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया, लेकिन शुरू में कई लोग इसे लेकर संदेह में थे।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि अब यह मुद्दा मीडिया और संपादकीयों में चर्चा का विषय बन गया है।
उनके हवाले से सूत्रों ने कहा, ‘‘इसलिए पिछले दो वर्षों में माहौल वास्तव में बदला है, मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि तथ्यों पर आधारित प्रस्तुतियां की गईं।’’
सूत्रों के अनुसार, गांधी ने कहा कि ‘‘मैच फिक्सिंग’’ दो तरह की है, एक ईवीएम से जुड़ी और दूसरी मतदाता सूचियों में जानबूझकर की जाने वाली छेड़छाड़ से संबंधित है।
गांधी ने कहा, ‘‘इसलिए मैच फिक्सिंग के दो रूप हैं, ईवीएम मैच फिक्सिंग और मतदाता सूची मैच फिक्सिंग, दोनों हो रहे हैं।’’
उन्होंने यह भी कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि 2024 का चुनाव ‘‘पूरी तरह फिक्स और रिग्ड (धांधली भरा)’’ था।
सूत्रों के मुताबिक, गांधी ने इसके बाद बनाए गए कानूनों, विशेष रूप से दिसंबर 2023 में बनाए गए उस कानून का जिक्र किया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और निर्वाचन आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से छूट दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने इन कानूनों को ‘‘गैरकानूनी’’ बताया।
गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा कि कांग्रेस को सड़क से संसद तक विरोध और प्रतिरोध के रास्ते से पीछे नहीं हटना चाहिए।
उन्होंने 1930 में लाहौर में हुए कांग्रेस अधिवेशन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय जब ब्रिटिश सरकार ने प्रांतीय स्वायत्तता देने से भी इनकार कर दिया था, तब कांग्रेस ने ‘‘पूर्ण स्वराज’’ के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया था।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार देश की जनता की आवाज सुनने या उसकी मांगों पर ध्यान देने से इनकार कर रही है और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले दलों के लिए आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता ‘‘प्रतिरोध’’ करना है।
कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को निलंबित करने, मतदाता सूचियों से हटाए गए 13 करोड़ से अधिक नामों को बहाल करने और चुनावों में ‘‘मैच फिक्सिंग’’ के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की है।
भाषा हक हक दिलीप
दिलीप