एमसीडी ने दिल्ली में दो बायो-सीबीजी संयंत्र स्थापित करने के लिए ऑयल इंडिया के साथ समझौता किया

एमसीडी ने दिल्ली में दो बायो-सीबीजी संयंत्र स्थापित करने के लिए ऑयल इंडिया के साथ समझौता किया

एमसीडी ने दिल्ली में दो बायो-सीबीजी संयंत्र स्थापित करने के लिए ऑयल इंडिया के साथ समझौता किया
Modified Date: July 30, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: July 30, 2026 10:32 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने राजधानी में दो बायो-संपीड़ित बायोगैस (बायो-सीबीजी) संयंत्र स्थापित करने के लिए ऑयल इंडिया लिमिटेड के साथ बृहस्पतिवार को एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इस एमओयू का उद्देश्य गीले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ाना और लैंडफिल स्थलों पर भार को कम करना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और महापौर प्रवेश वाही की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

दिल्ली नगर निगम के अनुसार, परियोजना के पहले चरण में 800 टन प्रति दिन (टीपीडी) की संयुक्त निस्तारण क्षमता वाले दो बायो-सीबीजी संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। तेहखंड में 10 एकड़ की भूमि पर 500-टीपीडी का संयंत्र स्थापित किया जाएगा, जबकि ओखला में सात एकड़ में 300-टीपीडी का संयंत्र विकसित किया जाएगा।

नगर निगम ने बयान में कहा कि ये संयंत्र अलग किए गए जैविक (गीले) कचरे का उपचार कर उससे संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) और जैविक खाद तैयार करेंगे। इससे शहर की गीले कचरे के निपटान और प्रबंधन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

गुप्ता ने कार्यक्रम में कहा कि वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए दिल्ली सरकार, स्थानीय निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और अन्य हितधारकों द्वारा समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।

गुप्ता ने कहा, ‘यह परियोजना शहर की अपशिष्ट-निस्तारण क्षमता में सुधार करते हुए गीले कचरे को स्वच्छ ऊर्जा और जैविक उर्वरक में बदलने में मदद करेगी।’

भाषा नोमान नोमान शफीक

शफीक


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