मेघालय: गारो जिला परिषद ने सात दशकों बाद गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया

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मेघालय: गारो जिला परिषद ने सात दशकों बाद गैर-आदिवासियों को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 09:18 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 09:18 PM IST

शिलांग, 23 मार्च (भाषा) मेघालय में आदिवासी परिषद चुनाव में गैर-आदिवासियों की भागीदारी को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इसके तहत यह अनिवार्य किया गया है कि केवल अनुसूचित जनजाति के सदस्य ही चुनाव लड़ सकते हैं, जिससे सात दशकों से अधिक समय के बाद गैर-आदिवासियों की भागीदारी प्रभावी रूप से समाप्त हो गई है।

राज्यपाल सी. एच. विजयशंकर ने परिषद का एक विशेष सत्र बुलाया था, जहां असम और मेघालय स्वायत्त जिला (जिला परिषद का गठन) नियमों में संशोधन को सर्वसम्मति से पारित किया गया था ताकि बदलाओं को लागू किया जा सके।

यह कदम गारो हिल्स के कुछ हिस्सों में हफ्तों से जारी अशांति और जातीय तनाव के बाद उठाया गया है।

परिषद चुनावों में गैर-आदिवासियों की भागीदारी के विरोध में हुए प्रदर्शनों में दो लोगों की मौत हो गई।

मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने परिषद के प्रस्ताव को ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ बताया।

उन्होंने तुरा में ‘नेशनल पीपल्स पार्टी’ (एनपीपी) कार्यालय के सामने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज जिला परिषद का विशेष सत्र है। सदन ने एक ऐसा प्रस्ताव पारित किया है जो इतिहास में दर्ज होगा, जिसके अनुसार परिषद चुनाव लड़ने वाले किसी भी उम्मीदवार के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र होना अनिवार्य होगा।’

भाषा शुभम रंजन

रंजन

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