मेघालय ने माल्टा में प्रथम विश्व युद्ध में मारे गए तीन गारो लोगों की कब्रों को पहचाना

मेघालय ने माल्टा में प्रथम विश्व युद्ध में मारे गए तीन गारो लोगों की कब्रों को पहचाना

मेघालय ने माल्टा में प्रथम विश्व युद्ध में मारे गए तीन गारो लोगों की कब्रों को पहचाना
Modified Date: September 26, 2026 / 02:35 pm IST
Published Date: September 26, 2026 2:35 pm IST

शिलांग, 26 सितंबर (भाषा) मेघालय के एक प्रतिनिधिमंडल ने भूमध्यसागर के द्वीपीय देश माल्टा के पिएटा मिलिट्री कब्रिस्तान में उन तीन गारो लोगों की कब्रों की पहचान की है, जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन की 69वीं गारो लेबर कंपनी में सेवा दी थी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अब तक, 15 जून 1918 को वीरगति को प्राप्त हुए खेव मारक की कब्र को इस कब्रिस्तान में 69वीं गारो लेबर कंपनी के किसी गारो सदस्य की एकमात्र ज्ञात कब्र माना जाता था।

अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा के नेतृत्व में मेघालय के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रमंडल द्वारा संचालित इस सैन्य कब्रिस्तान में दफन मेघालय के चार गारो लोगों को श्रद्धांजलि दी।

संगमा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने माल्टा में तीन गारो लोगों की कब्रों की सफलतापूर्वक पहचान की है। हमें बताया गया कि वे प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्रों की सहायता करने के लिए गए थे।’’

यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एडिंग मारक और जॉइन मारक की कब्रों की पहचान की, दोनों की मृत्यु 10 जून 1918 को हुई थी। प्रतिनिधिमंडल ने संगजिम संगमा की कब्र की भी पहचान की जिनकी 19 जून 1918 को मृत्यु हो गयी थी।

गारो लेबर कंपनी उन श्रमिक इकाइयों में शामिल थी जिसमें इस क्षेत्र के लोगों की भर्ती प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्रों के युद्ध संबंधी प्रयासों में सहायता के लिए की गई थी।

इसके सदस्यों ने सड़क निर्माण, रखरखाव और सामान की आपूर्ति जैसे कार्य किए थे।

इस खोज से विश्व युद्धों के दौरान मेघालय के इतिहास और मित्र राष्ट्रों के युद्ध प्रयासों में भारत के व्यापक योगदान के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध सामने आया है।

युद्ध में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए संगमा ने कहा कि यह यात्रा मेघालय के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इससे उन गारो लोगों की कब्रों का पता चला, जिनके योगदान और बलिदान अब तक काफी हद तक अज्ञात रहे थे।

प्रतिनिधिमंडल में विधानसभा के उपाध्यक्ष लिमिसन डी. संगमा, उप मुख्य सचेतक रोनी वी. लिंगदोह और मेघालय पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष मार्थोन जे. संगमा शामिल थे। मेघालय विधानसभा के सचिव माल्थस एस. संगमा और उप सचिव राजा खरपुरी भी प्रतिनिधिमंडल के साथ थे।

भाषा संतोष राजकुमार

राजकुमार


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