दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य 14 जुलाई को काम नहीं करेंगे
दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्य 14 जुलाई को काम नहीं करेंगे
नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) ने सोमवार को फैसला किया कि उससे संबद्ध वकील 14 जुलाई को काम नहीं करेंगे। यह फैसला दिल्ली उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशों द्वारा जिला अदालतों के आर्थिक अधिकार क्षेत्र (यानी वित्तीय सीमा) को दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के पक्ष में लिये गए निर्णय को देखते हुए किया गया है।
डीएचसीबीए की कार्यकारी समिति ने एक प्रस्ताव पारित करके कहा कि प्रस्तावित बढ़ोतरी का न्याय दिलाने की व्यवस्था के साथ-साथ उसके बहुत से सदस्यों की वकालत, आजीविका और पेशेवर हितों पर भी काफी असर पड़ेगा, क्योंकि इससे उच्च न्यायालय में मामलों की संख्या लगभग 70 प्रतिशत कम हो जाएगी।
प्रस्ताव में कहा गया, “डीएचसीबीए की कार्यकारी समिति ने 13 जुलाई 2026 को हुई अपनी आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह फ़ैसला किया है कि वे 14 जुलाई 2026 को काम से दूर रहेंगे। यह फैसला दिल्ली उच्च न्यायालय की ‘पूर्ण पीठ’ के उस रुख को देखते हुए लिया गया है, जिसमें दिल्ली की जिला अदालतों के आर्थिक अधिकार क्षेत्र को दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने की बात कही गई है, जबकि एसोसिएशन ने इसका कड़ा विरोध किया था।”
कार्यकारी समिति ने दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सदस्यों पर पड़ने वाले गंभीर और बुरे परिणामों पर ठीक से विचार करने के बाद यह फैसला लिया है। इसके अनुसार, 14 जुलाई 2026 को काम से दूर रहने का फैसला किया गया है।
भाषा प्रशांत सुरेश
सुरेश

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