इस्लामाबाद, 21 मार्च (एपी) संयुक्त राष्ट्र की बच्चों की एजेंसी ने मंगलवार को चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान में गर्मियों में आयी भीषण बाढ़ के महीनों बाद भी बच्चों सहित करीब एक करोड़ आबादी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रही है और उसे स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
यूनिसेफ द्वारा जारी बयान में गरीबी से बदहाल 22 करोड़ की आबादी वाले पाकिस्तान की खस्ता हालत के बारे में बताया गया है जो महीनों बाद भी बाढ़ के कुप्रभाव और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण आयी इस बाढ़ ने पाकिस्तान में 647 बच्चों और 353 महिलाओं सहित 1,739 लोगों की जान ली है।
यूनिसेफ की पाकिस्तान के लिए की गई कोष उपलब्ध कराने की अपील पर अभी तक उसे आधे से भी कम धनराशि (17.35 करोड़ अमेरिकी डॉलर में से 45 फीसदी रकम) मिली है। एजेंसी के अनुसार, पिछले साल जून में बाढ़ आने से पहले भी पाकिस्तान की जल प्रणाली का महज 36 फीसदी हिस्सा मनुष्यों के पीने के लिहाज से सुरक्षित माना जा रहा था।
यूनिसेफ ने कहा कि प्रभावित इलाकों में बाढ़ ने पानी की पाइपलाइन को लगभग बर्बाद कर दिया है और इस कारण 25 लाख बच्चों सहित 54 लाख लोग तालाबों और कुंओं से मिलने वाला दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
पाकिस्तान में यूनिसेफ के प्रतिनिधि अब्दुल्ला फादिल ने कहा, ‘‘स्वच्छ पेयजल कोई विशेषाधिकार नहीं है, यह सामान्य मौलिक अधिकार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी, रोजाना, पाकिस्तान के लाखों बच्चे-बच्चियां दूषित पेयजल से होने वाली ऐसी बीमारियों, जिनसे बचा जा सकता था और उससे होने वाले कुपोषण से लड़-लड़ कर हार रही हैं।’’
फादिल ने कहा, ‘‘स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने, शौचालय बनाने और इन बच्चों और परिवारों को स्वच्छता सुविधा देने के लिए हमें अपने दानदाताओं से लगातार मदद की जरूरत है।’’
यूनिसेफ का कहना है, ‘‘पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 15 लाख से ज्यादा बच्चे-बच्चियां भीषण कुपोषण की शिकार हैं और स्वच्छ पेयजल तथा स्वच्छ वातावरण नहीं मिलने से हालात और खराब होंगे।’’
एपी अर्पणा पवनेश
पवनेश