जोधपुर, 15 मई (भाषा) राजस्थान के पाली जिले में 11 वर्षीय एक लड़के की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसे पुलिस मानव बलि का मामला मान रही है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
आरोपी पीड़ित के ही गांव का रहने वाला है। आरोपी ने कथित तौर पर एक तांत्रिक के कहने पर हत्या की, जिसने उसे आश्वासन दिया था कि मानव बलि देने से उसकी वैवाहिक समस्याएं हल हो जाएंगी।
पुलिस ने बताया कि पीड़ित एक मदरसे का छात्र था और बृहस्पतिवार दोपहर घर लौट रहा था, तभी आरोपी ( जिसे बच्चा और उसका परिवार जानता था) उसे गांव के बाहर एक तालाब के पास सुनसान इलाके में ले गया।
पुलिस का मानना है कि आरोपी ने बच्चे की हत्या करने से पहले एक सुनियोजित अनुष्ठान किया।
पुलिस के अनुसार लड़के के हाथ, पैर और मुंह कथित रूप से बांधने के बाद किसी धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से कथित तौर पर तांत्रिक अनुष्ठान में इस्तेमाल होने वाली कुछ वस्तुएं, जिनमें टूटा हुआ मिट्टी का घड़ा और खून से सने लकड़ी के टुकड़े शामिल हैं, बरामद किए हैं।
बच्चे के घर नहीं लौटने पर घटना का पता चला। तलाश के दौरान परिजनों को तालाब के पास झाड़ियों में उसका शव मिला।
शुरुआत में आरोपी ने खुद को प्रत्यक्षदर्शी बताने की कोशिश की और गांव वालों के सामने बार-बार अपना बयान बदलता रहा।
पीड़ित के एक परिजन ने कहा, “वह मदद करने का दिखावा कर रहा था और दावा कर रहा था कि उसने किसी अन्य व्यक्ति को हत्या करते देखा है।”
हालांकि, मामला सामने आने के बाद आरोपी के अचानक गायब हो जाने पर पुलिस को उस पर शक हुआ।
आरोपी को बाद में उसी दिन हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने कहा कि आरोपी ने कथित तौर पर करीब पंद्रह दिन पहले ही तांत्रिक बलि के लिए बच्चे को निशाना बनाया था और उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहा था।
पुलिस उपाधीक्षक (सोजात) रतन देवासी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित रूप से अपराध कबूल कर लिया और तांत्रिक अनुष्ठान से जुड़ी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए खून से सने कपड़े बदलकर फेंक दिए थे।
देवासी ने कहा कि पुलिस उस तांत्रिक की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसने कथित तौर पर आरोपी को प्रभावित किया था।
उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया यह मामला तंत्र-मंत्र और मानव बलि से जुड़ा प्रतीत होता है। आगे की जांच जारी है।”
भाषा राखी प्रशांत
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