वारकरी संप्रदाय के आध्यात्मिक नेताओं के खिलाफ टिप्पणी के आरोप में राकांपा (शप) प्रवक्ता गिरफ्तार

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वारकरी संप्रदाय के आध्यात्मिक नेताओं के खिलाफ टिप्पणी के आरोप में राकांपा (शप) प्रवक्ता गिरफ्तार

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  • Publish Date - May 21, 2026 / 05:54 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 05:54 PM IST

पुणे, 21 मई (भाषा) महाराष्ट्र में वारकरी संप्रदाय के कुछ आध्यात्मिक नेताओं के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी करने के आरोप में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के प्रवक्ता विकास लवांडे को बृहस्पतिवार को पुणे में गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

लवांडे ने अदालत से 20 मई तक अंतरिम सुरक्षा प्राप्त की थी। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं होने के बावजूद उन्हें हिरासत में लिया गया।

लवांडे के खिलाफ वारकरी संप्रदाय के कुछ आध्यात्मिक नेताओं को कथित रूप से निशाना बनाने को लेकर पुणे के वाघोली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

लवांडे ने संप्रदाय के कुछ आध्यात्मिक नेताओं और सदस्यों को “घुसपैठिया” बताया था, जिसके बाद समुदाय के एक वर्ग में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “अदालत द्वारा दी गई अंतरिम सुरक्षा बुधवार को समाप्त होने के बाद लवांडे को गिरफ्तार कर लिया गया है।”

नौ मई को, पुणे जिले के म्हाटोबाची आलंदी में कीर्तनकार संग्राम भंडारे और उनके अनुयायियों ने लावंडे की टिप्पणियों को लेकर उन पर कथित तौर पर काली स्याही फेंकी थी।

‘वारकरी’ शब्द पंढरपुर के भगवान विट्ठल के भक्तों के लिए प्रयोग किया जाता है, जो प्रतिवर्ष पैदल चलकर मंदिर की तीर्थयात्रा करते हैं। यह परंपरा कई सदियों पुरानी है और महान भक्ति कवि इससे प्रेरित हुए हैं।

लवांडे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया कि उनके खिलाफ कोई सबूत न होने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

लवांडे ने कहा, “पुणे पुलिस दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष को निशाना बना रही है। मेरे ऊपर हमला करने वाले आरोपी संग्राम भंडारे और अन्य लोग खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन मेरे खिलाफ कोई सबूत न होने के बावजूद पुलिस ने मुझे गिरफ्तार कर लिया है।”

राकांपा (शप) नेता सुप्रिया सुले ने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की और राज्य के गृह विभाग के कामकाज पर सवाल उठाए।

लवांडे ने हाल ही में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, काली चरण, प्रदीप शर्मा और स्वामी आनंद स्वरूप जैसे नेताओं के खिलाफ टिप्पणी करते हुए उन्हें भाजपा और आरएसएस द्वारा महाराष्ट्र में लाए गए उत्तर भारत के ‘घुसपैठिए’ करार दिया था।

राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार ने एक पत्रिका में लेख लिखकर चिंता व्यक्त की थी कि हाल के दिनों में वारकरी परंपरा में प्रतिगामी तत्व प्रवेश कर चुके हैं और इस संप्रदाय के कुछ उपदेशकों के प्रवचन धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा दे रहे हैं।

हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि लेख पूरी तरह गलत है और परंपरा की समझ की कमी को दर्शाता है।

भाषा

राखी अविनाश

अविनाश