भुवनेश्वर, 28 जून (भाषा) ओडिशा में कक्षा एक से आठ तक की पाठ्यपुस्तकों में पाई गई गलतियों को राज्य के लिए “शर्मनाक” बताते हुए, बीजू जनता दल (बीजद) ने रविवार को स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे तथा इन खामियों की सीबीआई जांच की मांग की।
यह मांग मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा बुधवार को नई पाठ्यपुस्तकों में लगभग 1,600 गलतियों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिए जाने के कुछ दिनों बाद की गई है।
माझी ने चार वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित करने का भी आदेश दिया, जिनमें राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के पूर्व निदेशक मनोज पाधी और तीन सहायक निदेशक शामिल हैं।
बीजद की युवा इकाई के अध्यक्ष चिन्मय साहू ने कहा, “ओडिशा को इस बात के लिए शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है कि उसमें आइज़क न्यूटन को पायलट बताया गया। यह ओडिशा के लिए शर्म की बात है। कुछ अधिकारियों को निलंबित करना सिर्फ दिखावा था और सरकार चुप रही। स्कूल और जन शिक्षा मंत्री को इन गलतियों की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और हम उनके इस्तीफे की मांग करते हैं।”
उन्होंने मुख्यमंत्री पर संबंधित मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई न करके ‘राजधर्म’ का पालन न करने का भी आरोप लगाया।
साहू ने दावा किया कि पाठ्यपुस्तकों में लगभग 1,768 त्रुटियां पाई गई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में लगभग 380 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है।
साहू ने कहा, “इसलिए, इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराई जानी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”
भाषा प्रशांत नेत्रपाल
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