एमएनएफ ने एफसीआरए संशोधन विधेयक का विरोध किया; सांसदों से इसके खिलाफ वोट की अपील की

एमएनएफ ने एफसीआरए संशोधन विधेयक का विरोध किया; सांसदों से इसके खिलाफ वोट की अपील की

एमएनएफ ने एफसीआरए संशोधन विधेयक का विरोध किया; सांसदों से इसके खिलाफ वोट की अपील की
Modified Date: July 28, 2026 / 04:43 pm IST
Published Date: July 28, 2026 4:43 pm IST

आइजोल, 28 जुलाई (भाषा) मिजोरम की मुख्य विपक्षी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध किया है और राज्य के सांसदों से संसद में इसके खिलाफ मतदान करने की अपील की है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी।

एमएनएफ केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी है।

विवादित ‘विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक’ को संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया था। अब इसे संसद के मॉनसून सत्र में विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

ईसाई-बहुल मिजोरम में आशंका जताई जा रही है कि विधेयक के मौजूदा स्वरूप में पारित होने पर अल्पसंख्यक संस्थानों विशेषकर ईसाई संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को नुकसान होगा।

मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ)के उपाध्यक्ष लालछंदामा राल्ते ने कहा कि पार्टी प्रस्तावित संशोधनों को गिरजाघरों, एनजीओ, शिक्षण संस्थानों और परमार्थ संगठनों के लिए गंभीर खतरा मानती है, जो विदेशी मदद पर निर्भर हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘एफसीआरए संशोधन विधेयक का एमएनएफ का कड़ा विरोध करती है। हमें उम्मीद है कि लोकसभा और राज्यसभा में राज्य के सदस्य इसका जोरदार विरोध करेंगे और विधेयक पर मत विभाजन के दौरान मतदान से दूर नहीं रहेंगे।’’

मिजोरम से लोकसभा और राज्यसभा में एक-एक सदस्य हैं और दोनों ही राज्य में सत्तारूढ़ ज़ोरम पीपल्स मूवमेंट (जेडपीएम)के सदस्य हैं।

राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राल्ते ने कहा कि कानून में प्रस्तावित बदलावों से संगठनों के लिए विदेशी चंदा पाना काफी मुश्किल हो जाएगा, जिससे मिजोरम में स्कूलों, अनाथालयों और अन्य संस्थानों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ईसाई होने के नाते हम इन संशोधनों का पुरजोर विरोध करते हैं क्योंकि लोगों की सेवा करने वाली संस्थाओं पर इनका दूरगामी असर पड़ेगा।’’

राल्ते ने कहा कि पार्टी पहले ही अपना विरोध जाहिर कर चुकी है और इस समय दिल्ली दौरे पर गए एमएनएफ अध्यक्ष ज़ोरामथंगा केंद्र के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष भी इस मुद्दे को उठाएंगे।

अधिकारियों ने बताया कि मिजोरम सरकार केंद्र को एक ज्ञापन सौंपने की योजना बना रही है, जिसमें प्रस्तावित संशोधन को लेकर अपनी चिंता और उसमें किए जाने वाले बदलावों का जिक्र होगा।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप


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