मोदी सरकार ‘फासीवादी’ जिसका लोकतंत्र में भरोसा नहीं : राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत

मोदी सरकार ‘फासीवादी’ जिसका लोकतंत्र में भरोसा नहीं : राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत

मोदी सरकार ‘फासीवादी’ जिसका लोकतंत्र में भरोसा नहीं : राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:31 pm IST
Published Date: November 3, 2022 10:32 pm IST

कोटा (राजस्थान), तीन नवंबर (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए उसे “लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखने वाली फासीवादी” करार दिया।

मोदी पर गहलोत का हमला पार्टी में उनके सहयोगी और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट द्वारा मुख्यमंत्री के लिए प्रधानमंत्री की “प्रशंसा” पर भौंहें चढ़ाने के एक दिन बाद आया है।

गहलोत ने आज बारां में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “दुर्भाग्य से केंद्र की सरकार फासीवादी है जो लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती है। जिस राज्य में वे (भाजपा) सत्ता में हैं, वे जनता और लेखकों को परेशान कर रहे हैं, पत्रकार और विद्वान जेल में हैं।”

उन्होंने कहा, “अगर कोई सरकार के खिलाफ लेख लिखता है तो वह देशद्रोही हो जाता है, कोई मीडिया में टिप्पणी करता है, वह देशद्रोही है। लोकतंत्र में ऐसी बातों का कोई स्थान नहीं है।”

उन्होंने दावा किया कि देश में हिंसा का माहौल है और प्रधानमंत्री से देश के लोगों से भाईचारा बनाए रखने की अपील करने का अनुरोध किया। गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री को कहना चाहिए कि वह अब हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का समान रूप से सम्मान किया जाना चाहिए और अगर विपक्ष सरकार की आलोचना करता है या उससे असहमति जताता है तो सत्ताधारी पक्ष को उस पर गुस्सा नहीं करना चाहिए।

‘श्री पार्श्वनाथ मानव सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गहलोत ने राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्होंने बारां में विभिन्न विकास कार्यों का भी उद्घाटन किया।

उन्होंने अपनी सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं को सूचीबद्ध किया और प्रधानमंत्री से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर शुरू करने पर विचार करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में कोरोना वायरस महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई है।

उन्होंने दावा किया कि राजस्थान देश का वह राज्य है जहां सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार विरोधी छापे मारे गए।

भाषा प्रशांत माधव

माधव


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