सरकारी अस्पतालों में और डॉक्टर भर्ती किए जाएंगे, 24 घंटे सेवाएं मिलेंगी : मुरलीधरन
सरकारी अस्पतालों में और डॉक्टर भर्ती किए जाएंगे, 24 घंटे सेवाएं मिलेंगी : मुरलीधरन
कन्नूर (केरलम), 31 अगस्त (भाषा) केरलम के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने सोमवार को कहा कि सरकार और डॉक्टरों की भर्ती करेगी तथा छह महीने के भीतर जिला एवं सामान्य अस्पतालों में 24 घंटे विशेषज्ञ सेवाएं शुरू करने की अपनी योजना पर काम जारी रखेगी।
उन्होंने कहा, “सरकार का लक्ष्य सरकारी अस्पतालों को उच्च स्तर का बनाना है। हम सरकारी अस्पतालों को बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए काम कर रहे हैं ताकि मरीजों को ज्यादा से ज्यादा इलाज मिल सके। ये प्रयास जारी हैं।”
मुरलीधरन ने कहा कि अस्पतालों में 24 घंटे विशेषज्ञ सेवाएं देने के सरकार के फैसले में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, “इसमें कोई बदलाव नहीं है। क्योंकि यह सरकार का घोषित फैसला है। सभी सामान्य अस्पतालों में 24 घंटे सेवा की गारंटी है।”
डॉक्टरों के खाली पदों को भरने के बारे में उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
उन्होंने कहा, “खाली पद भरे जाएंगे। इन्हें भरने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। हाल ही में, पीएससी रैंक सूची से लगभग 400 डॉक्टरों को परामर्श पत्र के लिए बुलाया गया था। इनमें से 134 डॉक्टर पहुंचे और उन सभी को परामर्श पत्र दे दिए गए।”
उन्होंने कहा कि रविवार को हुई स्नातकोत्तर परीक्षा के बाद डॉक्टर जल्द ही अपनी सेवाएं देना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा, “अन्य रिक्त पदों को भी भरा जाएगा। हालांकि, सभी रिक्तियों को एक साथ भरकर इस व्यवस्था को चलाना संभव नहीं है। इन्हें चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। रिक्त पदों को धीरे-धीरे भरना ही सरकार की नीति है।”
केरलम सरकारी चिकित्साधिकारी संघ (केजीएमओए) की ओर से अस्पतालों में 24 घंटे विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर जताई गई चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मुरलीधरन ने कहा कि डॉक्टर अपनी समस्याओं पर चर्चा करने के लिए सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
मंत्री ने कहा, “उन्होंने कई चिंताएं जाहिर कीं और अपनी बातें मेरे सामने रखीं। मैंने उनसे बस एक ही बात कही: कोई भी आकर सीधे स्वास्थ्य मंत्री से मिल सकता है। मीडिया में बयान जारी करने की कोई जरूरत नहीं है। आप किसी भी मामले पर सीधे मंत्री से मिल सकते हैं।”
उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य विभाग तभी स्वस्थ रह पाएगा, जब हम सभी मुद्दों को सुलझाकर मिल-जुलकर आगे बढ़ेंगे।”
भाषा
प्रशांत अविनाश
अविनाश

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