ग्यारह वर्षों में 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्र खुले, सस्ती दरों पर मिल रही जेनेरिक दवाएं: नड्डा

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ग्यारह वर्षों में 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्र खुले, सस्ती दरों पर मिल रही जेनेरिक दवाएं: नड्डा

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 04:03 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 04:03 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि देशभर में 18,646 जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं, जो लोगों को किफायती दरों पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की शुरुआत 2008 में संप्रग सरकार ने की थी, लेकिन वर्ष 2014 तक केवल 80 जन औषधि केंद्र ही खोले गए थे।

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में इस योजना का तेजी से विस्तार हुआ है।

नड्डा ने बताया कि 28 फरवरी 2026 तक देश में 18,646 जन औषधि केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 2,370 केंद्र सरकारी अस्पतालों में खोले गए हैं, जहां दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में लगभग 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती उपलब्ध कराई जाती हैं।

एक लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत उत्पाद सूची में 2,110 दवाएं और 315 सर्जिकल उपकरण, मेडिकल उपभोग्य वस्तुएं एवं अन्य उपकरण शामिल हैं, जो हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, संक्रमण, एलर्जी और जठरांत्र संबंधी रोगों सहित प्रमुख चिकित्सीय श्रेणियों में आते हैं।

उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला अभिकर्मकों (लैब रीएजेंट) और टीकों को छोड़कर, राष्ट्रीय आवश्यक औषधि सूची में शामिल लगभग सभी जेनेरिक दवाएं इस योजना के तहत उपलब्ध हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दवाओं की उपलब्धता और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए देशभर में पांच वेयरहाउस और 41 वितरकों के साथ एंड-टू-एंड आईटी सक्षम आपूर्ति शृंखला प्रणाली विकसित की गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए नड्डा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ‘मुफ्त दवा सेवा पहल’ (फ्री ड्रग्स सर्विस पहल) लागू की गई है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो और मरीजों की जेब से होने वाले खर्च में कमी लाई जा सके।

इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके कार्यक्रम कार्यान्वयन योजनाओं के आधार पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में मुफ्त आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव