Gwalior High Court Pregnant Woman Case : पति ने पत्नी को वापस पाने के लिए लगाई अर्जी, कोर्ट में पत्नी ने खोला ऐसा राज कि जज ने दे दी प्रेमी के साथ रहने की मंजूरी

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Gwalior स्थित हाईकोर्ट बेंच ने एक बालिग गर्भवती महिला को उसकी इच्छा के अनुसार रहने की स्वतंत्रता देते हुए पति की याचिका खारिज कर दी।

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 04:31 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 04:31 PM IST

Gwalior High Court Pregnant Woman Case / Image Source : IBC24 / FILE

HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट ने बालिग महिला की इच्छा को प्राथमिकता दी।
  • पति की हैबियस कॉर्पस याचिका खारिज।
  • महिला को बॉयफ्रेंड के साथ रहने की अनुमति।

ग्वालियर : मध्य प्रदेश की ग्वालियर हाईकोर्ट बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने छह महीने की गर्भवती महिला को बालिग मानते हुए स्वतंत्रता दी और उसे अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने महिला के पति द्वारा दायर हैबियस कॉर्पस याचिका को निरर्थक घोषित करते हुए खारिज कर दिया।

जबरदस्ती कराई गई थी शादी

दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब महिला के पति ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। पति का आरोप था कि उसकी पत्नी को संदीप जाटव नाम के युवक ने अवैध रूप से अपनी कैद में रखा है। महिला को जब कोर्ट में पेश किया गया, तो उसने सबको चौंका दिया। महिला ने जज के सामने साफ कहा कि उसकी शादी 4 मई 2023 को हुई थी, लेकिन यह शादी उसकी मर्जी के खिलाफ घरवालों ने जबरदस्ती करवाई थी।महिला ने बताया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से संदीप के साथ रह रही है तथा आगे भी उसी के साथ रहना चाहती है।

कोर्ट ने बॉयफ्रेंड के साथ रहने की अनुमति दी

हाईकोर्ट ने महिला के बयान और उसके बालिग होने के अधिकार को प्राथमिकता दी। अदालत ने पति की याचिका को निरर्थक घोषित करते हुए उसे खारिज कर दिया। इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने छह महीने की गर्भवती महिला को उसके बॉयफ्रेंड के साथ रहने की अनुमति देते हुए स्वतंत्र कर दिया।

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कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

महिला को स्वतंत्र रहने की अनुमति दी।

पति की याचिका क्यों खारिज हुई?

महिला ने खुद अपनी इच्छा स्पष्ट की।

मामला कहाँ का है?

Gwalior हाईकोर्ट बेंच का।