Gwalior High Court Pregnant Woman Case / Image Source : IBC24 / FILE
ग्वालियर : मध्य प्रदेश की ग्वालियर हाईकोर्ट बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने छह महीने की गर्भवती महिला को बालिग मानते हुए स्वतंत्रता दी और उसे अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने महिला के पति द्वारा दायर हैबियस कॉर्पस याचिका को निरर्थक घोषित करते हुए खारिज कर दिया।
दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब महिला के पति ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। पति का आरोप था कि उसकी पत्नी को संदीप जाटव नाम के युवक ने अवैध रूप से अपनी कैद में रखा है। महिला को जब कोर्ट में पेश किया गया, तो उसने सबको चौंका दिया। महिला ने जज के सामने साफ कहा कि उसकी शादी 4 मई 2023 को हुई थी, लेकिन यह शादी उसकी मर्जी के खिलाफ घरवालों ने जबरदस्ती करवाई थी।महिला ने बताया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से संदीप के साथ रह रही है तथा आगे भी उसी के साथ रहना चाहती है।
हाईकोर्ट ने महिला के बयान और उसके बालिग होने के अधिकार को प्राथमिकता दी। अदालत ने पति की याचिका को निरर्थक घोषित करते हुए उसे खारिज कर दिया। इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने छह महीने की गर्भवती महिला को उसके बॉयफ्रेंड के साथ रहने की अनुमति देते हुए स्वतंत्र कर दिया।