शिमला, 27 मई (भाषा) मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटक हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पहाड़ी पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसके चलते शिमला में वाहनों का भारी दबाव देखा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले 24 दिनों में शिमला में कुल 6,31,000 वाहन पहुंचे हैं, जिनमें से लगभग 70,000 वाहन पिछले 72 घंटों में शहर में दाखिल हुए।
पर्यटन सीजन अभी अपने चरम पर नहीं पहुंचा है, लेकिन ‘पहाड़ों की रानी’ शिमला पहले ही वाहनों से अटी पड़ी है, जिससे बार-बार जाम की स्थिति बन रही है। पुलिस ने पर्यटकों से यातायात नियमों का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने की अपील की है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अभिषेक ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया कि पिछले 24 दिनों में चंडीगढ़-कालका मार्ग से 3,70,000 वाहन राज्य की राजधानी पहुंचे हैं, जबकि बड़ी संख्या में वाहन किन्नौर, बिलासपुर और कुल्लू मार्ग से भी आए हैं।
उन्होंने कहा कि अचानक बढ़े पर्यटक दबाव ने शिमला की पुरानी पार्किंग समस्या को और गंभीर बना दिया है।
एएसपी के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में 1,54,450 वाहन शिमला पहुंचे हैं, जबकि केवल पिछले 72 घंटों में ही करीब 70,000 वाहनों का प्रवेश हुआ, जिससे यातायात व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा है।
एएसपी ने बताया कि बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए शहर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। शिमला को पांच जोनों में बांटा गया है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है।
उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था में सहायता के लिए स्वयंसेवकों की भी मदद ली जा रही है, साथ ही पुलिस वैकल्पिक मार्गों के जरिए जाम कम करने का प्रयास कर रही है।
इसके तहत ऊपरी शिमला जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली मार्ग से रवाना किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि जून से पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि की संभावना है, जिसे देखते हुए पंचायत चुनाव समाप्त होने के बाद 31 मई के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
आमतौर पर हिमाचल प्रदेश में पर्यटन सीजन जून के पहले सप्ताह में चरम पर पहुंचता है, लेकिन इस वर्ष उत्तर और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के कारण यह पहले ही शुरू हो गया है।
भाषा Intern मनीषा
मनीषा