दिल्ली में एसआईआर के तहत 75 लाख से अधिक मतदाता सत्यापन प्रपत्रों का डिजिटलीकरण

दिल्ली में एसआईआर के तहत 75 लाख से अधिक मतदाता सत्यापन प्रपत्रों का डिजिटलीकरण

दिल्ली में एसआईआर के तहत 75 लाख से अधिक मतदाता सत्यापन प्रपत्रों का डिजिटलीकरण
Modified Date: July 29, 2026 / 09:26 am IST
Published Date: July 29, 2026 9:26 am IST

नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) दिल्ली में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)की प्रक्रिया के तहत 75 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

निर्वाचन आयोग की नवीनतम स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, 75,72,315 गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया गया है जो दिल्ली के कुल 1,45,10,298 मतदाताओं का 52.19 प्रतिशत है। अब तक 1,44,92,544 मतदाताओं यानी कुल मतदाताओं में से 99.88 प्रतिशत को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं।

दिल्ली के 13 जिलों में बाहरी उत्तर जिला 64.34 प्रतिशत प्रपत्र अपलोड किए जाने के साथ डिजिटलीकरण अभियान में सबसे आगे है। इसके बाद दक्षिण-पश्चिम में 62.45 प्रतिशत, पश्चिम में 59.46 प्रतिशत, उत्तर-पश्चिम में 58.53 प्रतिशत और मध्य उत्तर में 56.72 प्रतिशत प्रपत्र अपलोड किए गए हैं।

दक्षिण-पूर्व जिले में सबसे कम 38.51 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटलीकरण हुआ है। इसके बाद पूर्व में 43.57 प्रतिशत, दक्षिण में 45.11 प्रतिशत, मध्य में 48.41 प्रतिशत और पुरानी दिल्ली में 48.51 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया गया है।

संख्या के लिहाज से उत्तर-पूर्व जिले में सर्वाधिक 10,13,554 प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया गया है। इसके बाद पश्चिम में 8,65,773, दक्षिण-पश्चिम में 8,30,483 और दक्षिण में 6,06,769 प्रपत्रों का डिजिटलीकरण हुआ है।

दक्षिण-पूर्व, पुरानी दिल्ली, उत्तर, नयी दिल्ली, मध्य, बाहरी उत्तर, उत्तर-पूर्व, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम समेत 10 जिलों में गणना प्रपत्रों का वितरण पूरा हो चुका है।

शेष जिलों में से दक्षिण-पश्चिम में 99.98 प्रतिशत और मध्य उत्तर में 99.95 प्रतिशत प्रपत्र वितरित किए गए हैं जबकि उत्तर-पश्चिम में यह आंकड़ा सबसे कम 98.66 प्रतिशत है।

निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण की समयसीमा बढ़ा दी है। लंबित गणना प्रपत्रों को एकत्र करने और उनका डिजिटलीकरण करने के लिए बूथ स्तर के अधिकारी अब पहले निर्धारित 29 जुलाई के बजाय आठ अगस्त तक घर-घर जाकर सत्यापन कर सकेंगे।

भाषा सिम्मी धीरज

धीरज


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