नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) संसद का बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार को शुरू होगा और ऐसे में सांसदों से कहा गया है कि वे अपने वाहन की गति को 10 किलोमीटर प्रति घंटे तक सीमित रखें ताकि संसद भवन के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा उपकरणों को सक्रिय होने से रोका जा सके, जिससे कारों को नुकसान नहीं हो व उसमें बैठे लोगों को चोट न पहुंचे।
संसद सुरक्षा सेवा ने संसद के भीतर सुरक्षा उपकरणों के संचालन के लिए परामर्श जारी किए हैं, जिसमें चेतावनी दी गई है कि वाहन की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए जब तक कि वे ‘आयरन गेट्स’ पर अंतिम सुरक्षा उपकरण को पार नहीं कर लेते।
उपकरण को आपातकालीन स्थिति में तुरंत सक्रिय करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
परामर्श में कहा गया है, ‘‘यदि वाहनों की गति 10 किमी प्रति घंटे की गति सीमा से अधिक हो जाती है, तो वाहन चलाने वाले व्यक्ति के लिए वाहन को सुरक्षित रोकना मुश्किल हो सकता है। ‘टायर किलर्स’ और ‘सड़क अवरोधकों’ से जुड़े प्रभाव से वाहन को गंभीर नुकसान हो सकता है और उसमें बैठे लोगों को चोट लग सकती है।’
उसमें यह भी कहा गया है कि ‘बूम बैरियर’ को पार करते समय दो वाहनों के बीच कम से कम पांच फीट की दूरी बनाए रखी जानी चाहिए क्योंकि ‘सिस्टम’ एक समय में केवल एक ही वाहन को निकलने की अनुमति देता है।
इसमें लिखा है कि यदि कोई वाहन गलती से ‘बूम बैरियर’ से टकरा जाता है, तो चालक को तुरंत वाहन रोकना होगा।
संसद पर 13 दिसंबर, 2001 को हुए आतंकवादी हमले के बाद, नवीनतम सुरक्षा उपकरणों की स्थापना के साथ सुरक्षा तंत्र में आमूल-चूल परिवर्तन किया गया। खतरों से निपटने के लिए ‘सिस्टम’ को कई मौकों पर उन्नत किया गया है।
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