मुंद्रा बंदरगाह मादक पदार्थ मामला: आरोपी को मिली जमानत रद्द करने से उच्चतम न्यायालय का इनकार
मुंद्रा बंदरगाह मादक पदार्थ मामला: आरोपी को मिली जमानत रद्द करने से उच्चतम न्यायालय का इनकार
नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को मुंद्रा बंदरगाह से मादक पदार्थ बरामदगी मामले में आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार उर्फ कबीर तलवार को मिली जमानत रद्द करने की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की याचिका को मंजूरी नहीं दी। हालांकि, न्यायालय ने कहा कि यदि आरोपी गवाहों को प्रभावित करता है तो जांच एजेंसी इस आदेश को पलटने की मांग कर सकती है।
एनआईए की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ को बताया कि जिन अपराधों का आरोप है, वे गंभीर हैं और उनमें अधिकतम सजा के तौर पर उम्रकैद का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि यह मामला करीब 3,000 किलोग्राम मादक पदार्थ की बरामदगी से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर ईरान और अफगानिस्तान से मंगाया गया था।
भाटी ने कहा कि एजेंसी ने मादक पदार्थ बरामद कर लिया है, लेकिन ‘हमें नहीं पता कि ऐसी कितनी खेपें आई हैं’।
न्यायालय ने जमानत रद्द करने के अनुरोध वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद सरकारी वकील ने पीठ से आग्रह किया कि तलवार को जमानत देने वाले गुजरात उच्च न्यायालय के 10 अप्रैल के आदेश को नजीर न माना जाए, जिसके आधार पर दूसरे सह-आरोपी भी वैसी ही दलीलों पर जमानत मांग सकें।
पीठ ने कहा कि अगर तलवार गवाहों को प्रभावित करता है, तो एनआईए उसकी जमानत रद्द करने की मांग कर सकती है।
साथ ही न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अन्य सह-आरोपी समानता के आधार पर जमानत का दावा नहीं कर सकते, क्योंकि विशेष अदालत में अभी कई गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी हैं। अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर उनके मामले के गुण-दोष के आधार पर विचार किया जाएगा।
गुजरात उच्च न्यायालय ने तलवार को जमानत देते समय इस तथ्य पर गौर किया था कि मामले में उसकी भूमिका से जुड़े सभी 23 संवेदनशील गवाहों से पूछताछ हो चुकी है।
इससे पहले, उच्च न्यायालय ने इस मामले के दो अन्य आरोपियों – एनआईए के लिए सरकारी गवाह (अप्रूवर) बने ईश्वर सिंह और इस मामले में एकमात्र महिला आरोपी दुर्गा पूर्णा गोविंदराजू वैशाली को भी जमानत दे दी थी।
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सितंबर 2021 में मुंद्रा बंदरगाह पर 2,988 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी। इस मामले में एनआईए ने कई आरोपियों के खिलाफ कई आरोपपत्र दाखिल किए हैं और तलवार को आरोपी संख्या 24 बनाया गया था। वह 2022 से जेल में था, जिसके बाद उच्च न्यायालय ने उसे जमानत दी थी।
उसने इस आधार पर ज़मानत मांगी थी कि मुकदमे की सुनवाई में देरी हो सकती है, क्योंकि आरोपपत्र 20,000 से अधिक पन्नों का है और 500 से अधिक लोगों को गवाह के तौर पर शामिल किया गया है।
भाषा
शुभम मनीषा
मनीषा

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