नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला एक इमारत के ढहने से छह लोगों की मौत होने के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक अन्य इमारत को ‘‘जर्जर और खतरनाक स्थिति’’ में पाए जाने पर उसके मालिक को तीन दिन के भीतर संरचना को गिराने का आदेश दिया है।
एमसीडी के बयान के अनुसार, रविवार को जो इमारत ढही उसकी संपत्ति संख्या 14 थी।
दिल्ली नगर निगम ने सत्य निकेतन स्थित संपत्ति संख्या 13 के लिए रविवार को एक आदेश जारी कर उसके मालिक या कब्जाधारक को संरचना को गिराने का निर्देश दिया। इस आदेश में कहा गया कि इस ‘जर्जर’ भवन से निवासियों, आगंतुकों, राहगीरों और आसपास की इमारतों को खतरा है।
यह नोटिस एमसीडी के दक्षिण क्षेत्र के अधिशासी अभियंता (भवन)-प्रथम द्वारा दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 348 (491 के तहत पढ़ा जाए) के तहत जारी किया गया।
आदेश में नगर निगम ने कहा, ‘‘यदि मालिक या कब्जाधारक आदेश प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर ऐसा नहीं करता है तो वह (निगम) इमारत को ध्वस्त कर देगा और इस पर आने वाली लागत मकान मालिक से कर बकाया के रूप में वसूल करेगा।’’
यह कदम सत्य निकेतन में रविवार को लड़कों के पीजी (पेइंग गेस्ट) आवास के रूप में इस्तेमाल की जा रही दशकों पुरानी पांच मंजिला इमारत ढहने के बाद उठाया गया है। यह इमारत ढहने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए थे।
‘पेइंग गेस्ट’ वह व्यक्ति होता है जो किसी मकान या आवास में किराया देकर रहता है, जहां अक्सर भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार लड़कों के पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही यह पांच मंजिला इमारत करीब 30 साल पुरानी थी। यह 55 वर्ग गज क्षेत्र में बनी भूतल और चार मंजिला (जी प्लस 4) इमारत थी, जबकि इसके निर्माण के लिए पहले केवल भूतल और एक मंजिल (जी प्लस 1) की अनुमति दी गई थी।
इससे पहले, एमसीडी ने लड़कियों के ‘पीजी’ आवास वाली पास की एक इमारत को ‘जर्जर’ घोषित करते हुए वहां से किरायेदारों को निकाला था। किरायेदारों को पास के एक सामुदायिक भवन में स्थानांतरित कर निगम ने उस इमारत को भी गिराए जाने की योजना की घोषणा की थी।
भाषा खारी सिम्मी
सिम्मी