नगर निकाय चुनाव: तृणमूल कांग्रेस के ऋतब्रत गुट की कोलकाता के सभी वार्डों पर चुनाव लड़ने की योजना
नगर निकाय चुनाव: तृणमूल कांग्रेस के ऋतब्रत गुट की कोलकाता के सभी वार्डों पर चुनाव लड़ने की योजना
(फाइल फोटो के साथ)
कोलकाता, तीन सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट ने कोलकाता नगर निगम चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है तथा उसने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ सभी 209 वार्डों में प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है।
तृणमूल के इस गुट ने अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए इस सप्ताहांत वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है।
ये तैयारियां तृणमूल के अंदर संगठन को लेकर चल रही लड़ाई के गहरा जाने की दिशा में एक और कदम हैं।
विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही पार्टी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले ‘कालीघाट कैंप’ और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के बीच बुरी तरह बंटी हुई है।
ऋतब्रत बनर्जी ने विधानसभा में कहा कि कोलकाता नगर निगम के प्रस्तावित परिसीमन के बाद संभवत: दिसंबर में होने वाले चुनाव में उनका गुट हर वार्ड से चुनाव लड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘परिसीमन के बाद 209 वार्ड होंगे और हमारे उम्मीदवार हर वार्ड में भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।’’
उन्होंने कहा कि यह गुट हावड़ा समेत दूसरी नगर निकायों में भी हर वार्ड से चुनाव लड़ेगा और नगर निकाय चुनाव की रणनीति पर ‘सामूहिक फैसला’ इस सप्ताह के आखिर में वरिष्ठ नेताओं एवं चुनाव से जुड़ी ज़िम्मेदारियां संभालने वाले लोगों की बैठक में लिया जाएगा।
प्रत्याशी चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। गुट ने उत्तरी और दक्षिणी कोलकाता के जिला अध्यक्षों से प्रस्तावित वार्डों के लिए संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार करने को कहा है।
पार्टी का यह गुट वार्डों के नए सिरे से परिसीमन पर होने वाली जन-सुनवाइयों के लिए भी तैयारी कर रहा है। यह सुनवाई पांच सितंबर से शुरू होने वाली हैं।
ऋतब्रत बनर्जी गुट के नेतृत्व ने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन सुनवाइयों में जरूरी दस्तावेज़, नक्शे और वार्डों के प्रस्तावित पुनर्गठन पर अपनी खास आपत्तियों के साथ शामिल हों।
परिसीमन पर हुई सर्वदलीय बैठक में, बागी गुट से विधानसभा में तृणमूल के उप-नेता संदीपन साहा ने पहले ही गुट की आपत्तियां जता दी हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पहले ही अपनी चुनाव समिति बना ली है और चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है।
ऋतब्रत गुट भी यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि उसके पास भी एक ऐसा संगठनात्मक ढांचा है जो भाजपा और दूसरे तृणमूल, दोनों का मुकाबला करने में सक्षम है।
ऋतब्रत बनर्जी खेमे के करीबी नेताओं का मानना है कि निर्वाचन आयोग नगर निकाय चुनाव से पहले पार्टी के चुनाव चिह्न और उसके फंड पर नियंत्रण के विवाद पर फैसला कर सकता है।
उनका कहना है कि इससे इस गुट की स्थिति मजबूत होगी और इसके उम्मीदवारों के लिए चुनावी मैदान में उतरना आसान हो जाएगा।
भाषा राजकुमार रंजन
रंजन

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