म्यांमा के राष्ट्रपति आंग ह्लाइंग भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर
म्यांमा के राष्ट्रपति आंग ह्लाइंग भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर
नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) म्यांमा के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने शनिवार को भारत की पांच दिवसीय यात्रा शुरू की। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, संपर्क, सीमा सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाना होगा।
आंग ह्लाइंग ने अपनी यात्रा की शुरुआत गया जी में महाबोधि मंदिर में दर्शन के साथ की। इसके बाद वह आज शाम दिल्ली पहुंचेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘म्यांमा के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का बोधगया पहुंचने पर हार्दिक स्वागत है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आंग ह्लाइंग की यात्रा दोनों देशों को जोड़ने वाले मजबूत आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और जन-संबंधों को दर्शाती है, साथ ही हमारे निरंतर सहयोग की प्रगाढ़ता को भी उजागर करती है।’’
म्यांमा के राष्ट्रपति का हवाई अड्डे पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने स्वागत किया।
म्यांमा में संसदीय चुनाव के बाद राष्ट्रपति बनने के दो महीने से भी कम समय में आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा हो रही है।
सत्तारूढ़ सैन्य जुंटा शासन के खिलाफ वर्षों से जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद चुनाव दिसंबर और जनवरी में हुए थे। सैन्य शासन ने एक फरवरी, 2021 को तख्तापलट करके आंग सान सू की की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंका था।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने पिछले महीने आंग ह्लाइंग के राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। आंग ह्लाइंग ने पिछले पांच वर्षों तक म्यांमा में सैन्य शासन का नेतृत्व किया।
म्यांमा भारत के रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है और इसकी 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा पूर्वोत्तर के कई राज्यों से लगती है, जिनमें उग्रवाद प्रभावित नगालैंड और मणिपुर भी शामिल हैं।
म्यांमा के राष्ट्रपति के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है जिसमें कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और व्यापारिक नेता शामिल हैं।
आंग ह्लाइंग को पहले एक जून को ‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नयी दिल्ली जाना था लेकिन इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग एक जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ दोनों देशों के ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। वह एक व्यापारिक मंच में भी भाग लेंगे।’’
म्यांमा के राष्ट्रपति व्यापार और उद्योग जगत से बातचीत और स्थलों के दौरे के लिए दो जून को मुंबई भी जाएंगे।
जायसवाल ने शुक्रवार को अपने साप्ताहिक मीडिया सम्मेलन में कहा कि म्यांमा के नेता की भारत यात्रा के दौरान सीमा सुरक्षा और संपर्क से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘सीमा सुरक्षा, संपर्क और अन्य मुद्दों के संबंध में भारत और म्यांमा के बीच संबंधों के व्यापक दायरे से जुड़े सभी विषयों पर चर्चा होगी। हमारा उद्देश्य अपने मैत्रीपूर्ण और सभ्यतागत संबंधों को आगे बढ़ाना है।’’
जायसवाल ने कहा कि म्यांमा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों में शामिल है।
म्यांमा के नेता की यात्रा से परिचित लोगों ने बताया कि रक्षा और व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने के तरीके दोनों पक्षों के बीच वार्ता का प्रमुख केंद्रबिंदु होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष मार्च में मॉरीशस की अपनी यात्रा के दौरान ‘ग्लोबल साउथ’ के साथ भारत की सहभागिता के लिए ‘महासागर’ या ‘म्युचुअल एंड होलिस्टिक एडवांस्मेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजंस’ की परिकल्पना की घोषणा की थी।
भाषा सुरभि गोला
गोला

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