Who is Nandan Nilekani : NEET के बाद परीक्षा व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी संभालेंगे नंदन नीलेकणि! जानिए कौन हैं PM मोदी के नए ‘Exam Reforms Chief’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक और आधार परियोजना के प्रमुख रहे नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और सुरक्षित बनाने की रूपरेखा तैयार करेगी।

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  • Publish Date - July 26, 2026 / 09:40 PM IST,
    Updated On - July 26, 2026 / 09:44 PM IST

Who is Nandan Nilekani / Image Source : LINKDIN

HIGHLIGHTS
  • परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर।
  • NEET, UPSC जैसी बड़ी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित बनाने की तैयारी।
  • समिति अपनी रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा सुधारों का रोडमैप तैयार करेगी।

नई दिल्ली : Who is Nandan Nilekani : देश में परीक्षा सुधारों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए विश्व प्रसिद्ध टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अगुवाई में एक ‘हाई-पावर्ड टास्क फोर्स’ का गठन किया है। भारत के डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और पहचान पहचान प्रणाली (UIDAI) की नींव रखने वाले नीलेकणि अब देश की परीक्षा प्रणाली को आधुनिक, विश्वसनीय और तकनीक-संचालित बनाने का खाका तैयार करेंगे।

नंदन नीलेकणि कौन हैं?

नंदन नीलेकणि भारत की बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) के सह-संस्थापक (Co-founder) और चेयरमैन हैं। वे भारत में डिजिटल क्रांति लाने वाले प्रमुख लोगों में से एक हैं। वर्ष 2009 में उन्हें UIDAI का पहला अध्यक्ष बनाया गया था, जहां उन्होंने देश के ‘आधार’ बायोमेट्रिक पहचान प्रोजेक्ट की शुरुआत की और इसे पूरे देश में लागू कराया।

इन विशेषज्ञों को मिली जिम्मेदारी

इस टास्क फोर्स में पूर्व इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा को भी शामिल किया गया है।

टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अगुवाई में जो हाई-लेवल टास्क फोर्स बनाई है, उसके मुख्य लक्ष्य ये हैं:देश की बड़ी परीक्षाओं जैसे NEET, UPSC आदि को पूरी तरह से पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाना। परीक्षा कराने के तरीके में नई तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना। यह कमेटी परीक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की परीक्षाएं कराई जाएंगी।

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नंदन नीलेकणि कौन हैं?

नंदन नीलेकणि इन्फोसिस के सह-संस्थापक, उद्योगपति और UIDAI (आधार) के पहले अध्यक्ष रह चुके हैं।

उन्हें कौन-सी नई जिम्मेदारी मिली है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें परीक्षा सुधारों के लिए गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का अध्यक्ष बनाया है।

. इस टास्क फोर्स का उद्देश्य क्या है?

देश की प्रमुख परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए सुधारों की रूपरेखा तैयार करना।