नंदू गिरोह का सदस्य दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार

नंदू गिरोह का सदस्य दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 04:47 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 04:47 PM IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) कपिल सांगवान उर्फ ​​नंदू गिरोह के एक प्रमुख सदस्य को दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

वह करीब दो साल से फरार था और विदेश में था। दिल्ली की एक अदालत ने उसे कई आपराधिक मामलों में भगोड़ा घोषित किया था।

हरियाणा निवासी मनोज राठी (33), नजफगढ़ पुलिस थाना में 2021 में दर्ज हत्या के एक मामले तथा बाबा हरिदास नगर थाना और विशेष प्रकोष्ठ में शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज दो मामलों में वांछित था।

पुलिस ने बताया कि नौ जनवरी को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) के आधार पर राठी को रोका गया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राठी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम का मामला चार फरवरी 2024 का है, जब मध्यप्रदेश के दो हथियार तस्कर अंकित मिश्रा और जितेंद्र राजपूत को विशेष प्रकोष्ठ ने गिरफ्तार किया था और उनसे 12 अवैध पिस्तौल बरामद की थीं।

अधिकारी ने बताया, ‘‘पूछताछ के दौरान दोनों ने खुलासा किया कि यह (हथियारों की) खेप मनोज राठी और दिल्ली में उनके सहयोगियों के लिए थी।’’

पुलिस की जांच में यह पता चला था कि तस्करों की गिरफ्तारी के तुरंत बाद राठी देश छोड़कर भाग गया था। पांच मार्च 2024 को एक अदालत द्वारा उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। उसके बाद एक एलओसी जारी किया गया।

अधिकारी ने बताया, ‘‘गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान, राठी ने खुलासा किया कि वह 2021 में नजफगढ़ थाना में दर्ज हत्या के एक मामले में भी वांछित था। राठी 2019 में गैंगस्टर कपिल सांगवान के संपर्क में आया और उसके गिरोह के लिए काम करने लगा।’’

उन्होंने बताया, ‘‘2021 में, उसने और उसके साथियों ने कथित तौर पर सांगवान के निर्देश पर नजफगढ़ में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या कर दी, जिसके बाद राठी को गिरफ्तार किया गया और लगभग तीन साल जेल में बिताने के बाद वह जमानत पर बाहर आया था।’’

जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद, राठी ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश स्थित तस्करों से गिरोह के लिए अवैध हथियारों की खरीद का समन्वय शुरू किया। बाद में वह विदेश भाग गया और देश के बाहर से ही गिरोह के लिए काम कर रहा था।

भाषा सुभाष खारी

खारी