नारायणसामी ने पुडुचेरी की राजग सरकार पर नकली दवा निर्माण घोटाले को लेकर निशाना साधा

नारायणसामी ने पुडुचेरी की राजग सरकार पर नकली दवा निर्माण घोटाले को लेकर निशाना साधा

नारायणसामी ने पुडुचेरी की राजग सरकार पर नकली दवा निर्माण घोटाले को लेकर निशाना साधा
Modified Date: April 3, 2026 / 05:25 pm IST
Published Date: April 3, 2026 5:25 pm IST

पुडुचेरी, तीन अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. नारायणसामी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली कैबिनेट नकली दवा निर्माण घोटाले को लेकर कटघरे में है। उन्होंने दावा किया कि यह घोटाला आठ राज्यों में दवाओं की आपूर्ति से जुड़ा है।

इसके साथ ही, उन्होंने ‘रेस्टो बार लाइसेंस के लिए 40 लाख रुपये की रिश्वत’ का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान एआईएनआरसी-भाजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल में बार की संख्या 400 से दोगुनी होकर 800 हो गई है।

अठहत्तर वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए आरोप लगाया कि ‘लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में 30 प्रतिशत कमीशन की वसूली’ की जा रही है। उन्होंने ‘रेस्टो बार लाइसेंस’ के लिए 40 लाख रुपये की रिश्वत, स्मार्ट सिटी परियोजना के कार्यान्वयन में 30 प्रतिशत कमीशन और कई अन्य खरीद प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और तीन बार राज्यसभा सदस्य रहे नारायणसामी ने आरोप लगाया कि आठ राज्यों को नकली दवाओं की आपूर्ति से जुड़े घोटाले में रंगासामी मंत्रिमंडल के सभी सदस्य संदेह के घेरे में हैं। उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।

जब इस बात की ओर ध्यान दिलाया गया कि मुख्यमंत्री रंगासामी ने कहा है कि मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है और केंद्रीय एजेंसी के हाथ में जांच होने के कारण वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते, तो उन्होंने (नारायणसामी ने) इन सभी दलीलों को ‘निराधार और बेबुनियाद’ बताते हुए खारिज कर दिया।

नारायणसामी ने कहा, ‘जब मैं 2016 से 2021 के बीच मुख्यमंत्री था, तब कानून व्यवस्था काफी अच्छी थी; शिक्षा क्षेत्र में पास होने वाले छात्रों का प्रतिशत 95 तक पहुँच गया था और कोरोना वायरस के दौरान लोगों की जान बचाई गई। हमने तत्कालीन उपराज्यपाल किरण बेदी द्वारा उत्पन्न बाधाओं को पार करते हुए 5 वर्षों तक सफलतापूर्वक सुशासन दिया।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में किए गए इस दावे पर कि उनका ‘सर्वश्रेष्ठ पुडुचेरी’ (व्यापार, शिक्षा, आध्यात्मिकता और पर्यटन) का मंत्र पिछले साढ़े चार वर्षों में ‘फलीभूत हो रहा है’, इसपर नारायणसामी ने पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश में व्यापार में भारी गिरावट आई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तीर्ण होने का प्रतिशत गिरकर लगभग 73 प्रतिशत हो गया है और हर साल 10,000 बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं।

उन्होंने कहा, ‘हर गली में एक रेस्टोबार है और एक गली में तो 11 रेस्टोबार हैं। महिलाएं खुलकर बाहर नहीं निकल पातीं, खासकर रात में यह एक बड़ी समस्या है। क्या यही आध्यात्मिकता है?’

उन्होंने कहा, ‘जब मैं मुख्यमंत्री बना, तब पुडुचेरी में, कराईक्कल, माहे और यानम क्षेत्रों सहित, 400 बार थे और मैंने एक भी नया बार खोलने की अनुमति नहीं दी। हमने तय किया था कि 400 ही काफी हैं। रंगासामी के मुख्यमंत्री बनने के बाद, 400 और बार खोलने की अनुमति मिलने से बार की संख्या दोगुनी हो गई। क्या पुडुचेरी 800 बार का बोझ उठा पाएगा? क्या पुडुचेरी की जनता ने इतने बार की मांग की थी?’

एएनआरसी-भाजपा शासन के दौरान पर्यटन के लिहाज से कुछ भी नहीं हुआ और डायमंड बीच, ब्लू बीच और मरीना बीच सहित समुद्र तटों का विकास कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में हुआ।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘यह एक फर्जी, नाकाम और जनविरोधी सरकार है। इस सरकार द्वारा लोगों को मुफ्त उपहारों के नाम पर धोखा दिया जा रहा है।’

भाषा तान्या दिलीप

दिलीप


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