Narendra Modi Baisakhi Wishes: बैसाखी, पुथंडू और पाना संक्रांति पर पीएम मोदी की बधाई, जनता को दिया ये खास संदेश, इस श्लोक ने खींचा सबका ध्यान

Narendra Modi Baisakhi Wishes: नई दिल्ली में नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बैसाखी, पुथंडू और महा बिशुबा पाना संक्रांति के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

Narendra Modi Baisakhi Wishes: बैसाखी, पुथंडू और पाना संक्रांति पर पीएम मोदी की बधाई, जनता को दिया ये खास संदेश, इस श्लोक ने खींचा सबका ध्यान

narendra modi/ image source: ani x handle

Modified Date: April 14, 2026 / 02:27 pm IST
Published Date: April 14, 2026 1:24 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
  • प्रेरणा स्थल पर किया नमन
  • अंबेडकर जयंती पर विशेष संदेश

Narendra Modi Baisakhi Wishes: नई दिल्ली: नई दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बैसाखी, पुथंडू और महा बिशुबा पाना संक्रांति के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग संदेश साझा करते हुए भारत की सांस्कृतिक विविधता और उत्सवों की समृद्ध परंपरा को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा, “आप सभी को बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं!” इसके साथ ही तमिल नव वर्ष के अवसर पर “पुथंडू के विशेष अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं” और ओडिया नव वर्ष के उपलक्ष्य में “महा बिशुबा पाना संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं!” कहकर देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर, पीएम ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और पारंपरिक रीति-रिवाजों में भाग लिया।

Narendra Modi festival wishes: प्रधानमंत्री मोदी ने त्योहारों के महत्व को भी उजागर किया

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेशों में इन त्योहारों के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में मनाए जाने वाले ये पर्व फसल कटाई के मौसम की शुरुआत के साथ-साथ क्षेत्रीय पंचांगों के अनुसार नए वर्ष का प्रतीक होते हैं। बैसाखी का पंजाब में विशेष महत्व है, जहां इसे फसल उत्सव और सिख परंपरा के ऐतिहासिक दिवस के रूप में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। वहीं पुथंडू तमिलनाडु में नए साल की शुरुआत का प्रतीक है, जबकि महा बिशुबा पाना संक्रांति ओडिशा में नवीनीकरण, समृद्धि और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण पर्व है।

Baisakhi 2026 India: संस्कृत श्लोक भी किया साझा

देशभर में लोगों ने इन त्योहारों को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। विभिन्न राज्यों में प्रार्थनाएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक आयोजन हुए, जो भारत की “विविधता में एकता” की भावना को मजबूत करते हैं। इस मौके पर कई राज्यों के नेताओं ने भी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं और इन पर्वों को सौहार्द, आशा और नई शुरुआत का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री के संदेशों ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि भारत की सांस्कृतिक विरासत न केवल विविध है, बल्कि सभी त्योहारों के माध्यम से देश को एक सूत्र में भी पिरोती है।

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।