एक शहर ऐसा भी जहां राष्ट्रगान पर थम जाती ज़िंदगी

एक शहर ऐसा भी जहां राष्ट्रगान पर थम जाती ज़िंदगी

एक शहर ऐसा भी जहां राष्ट्रगान पर थम जाती  ज़िंदगी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:06 pm IST
Published Date: January 17, 2018 10:37 am IST

राष्ट्रगान को लेकर हमारे देश में तरह तरह की भावना देखने मिलती है जहां एक ओर 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने सिनेमा के पहले राष्ट्रगान की अनिवार्यता लगायी थी वहीं दूसरी तरफ लोगों ने उसका इतना विरोध किया गया हाल ही में राष्ट्रगान पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र के रवैये पर कई लोगों द्वारा सवाल उठाए गए थे। कहा गया था कि लोग मनोरंजन के लिए फिल्म देखने जाते हैं, वहां उनपर इस तरह देशभक्ति थोपी नहीं जानी चाहिए।जिसे देखते हुए कोर्ट ने अपने ही आदेश में बदलाव कर दिया था. 

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लेकिन हमारे देश में ऐसे  भी लोग हैं जो  राष्ट्रगान के सम्मान के लिए कोई भी काम छोड़ सकते हैं। ये एक छोटा सा गांव है यहाँ के नागरिको को कोई क़ानूनी आदेश नहीं मिला है कि आपको हर हाल में राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े होना है लेकिन इस गांव की ये परप्परा है।

 

 

जी हाँ ये जगह है  तेलंगाना का  एक छोटा सा शहर जिसका  नाम है ” जमीकुनटा  ” जो हैदराबाद से केवल 145 कि . मी . कि दूरी पर है  इस छोटे से शहर कि खासियत यह है कि सालों से पुरे शहर के अलग अलग स्थानों पर 16 लाउडस्पीकर से  रोज सुबह राष्ट्र गान बजाया जाता है। और  कस्बे के सारे लोग अपनें  अपनें स्थान पर खड़े होकर राष्ट्रगान का अभिवादन करते हैं।इस गांव की ये भी खासियत है की ट्रैफिक पुलिस से लेकर बस चालक, ऑटो चालक ,राहगीर जिस जगह होते हैं उसी जगह खड़े हो जाते हैं लगभग तीन मिनट के लिए पुरे शहर का चक्का पूरा थम जाता है। 

IBC24 WEB TEAM


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