एनसीडीआरसी ने ‘भ्रामक’ पान मसाला विज्ञापन मामले में सलमान खान के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाई

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एनसीडीआरसी ने ‘भ्रामक’ पान मसाला विज्ञापन मामले में सलमान खान के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाई

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  • Publish Date - June 12, 2026 / 02:48 PM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 02:48 PM IST

नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने भ्रामक पान मसाला विज्ञापन से जुड़ी एक शिकायत के संबंध में फिल्म अभिनेता सलमान खान को राहत देते हुए उनके खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में जारी कार्यवाही पर रोक लगा दी है।

आयोग ने यह अंतरिम आदेश एक अपील पर सुनवाई के दौरान दिया। इस अपील में कोटा के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (डीसीडीआरसी) के उन निर्देशों को चुनौती दी गई थी जिनमें खान समेत प्रतिवादी पक्षों के लोगों के हस्ताक्षरों के सत्यापन की बात कही गई थी।

आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए पी साही और इसके सदस्य न्यायमूर्ति भरत कुमार पंड्या की पीठ ने शिकायतकर्ता इंद्र मोहन सिंह उर्फ ​​हनी को नोटिस जारी कर जिला आयोग के समक्ष आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।

अपने 10 जून के आदेश में एनसीडीआरसी ने कहा, ‘‘ऊपर दिए गए सुझावों और राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों को ध्यान में रखते हुए प्रतिवादी संख्या एक/शिकायतकर्ता को नोटिस जारी करना और उनसे इस अपील का जवाब देने को कहना उचित होगा।’’

आयोग ने पाया कि अपील में जिला मंच द्वारा प्रयोग किए गए अधिकार क्षेत्र और कार्यवाही के संचालन के तरीके के संबंध में महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए गए हैं।

अपीलकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील ने दलील दी कि जिला आयोग ने शिकायत की वैधता पर निर्णय लिए बिना ही हस्ताक्षरों की प्रामाणिकता की जांच शुरू कर दी थी।

एनसीडीआरसी ने राजस्थान उच्च न्यायालय के 27 मई के उस अंतरिम आदेश पर भी गौर किया जिसमें ज़िला आयोग के हस्ताक्षर सत्यापन से जुड़े पहले के निर्देश के अमल पर रोक लगा दी गई थी।

अपीलकर्ताओं ने प्रक्रिया के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया और बताया कि दूसरे उपभोक्ता मंचों में भी इसी तरह की कार्यवाही शुरू की गई थी।

आयोग ने कहा, ‘‘इस आदेश की एक प्रति जिला आयोग के सामने जारी कार्यवाही के रिकॉर्ड में रखी जाए। इस संबंध में कोई भी आदेश आने तक जिला आयोग के समक्ष आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी।’’

यह मामला सलमान खान और अन्य से संबंधित पान मसाला विज्ञापन से जुड़ा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि विज्ञापन गुमराह करने वाला है।

मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश