एनडीएमसी ने नए अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को दी मंजूरी, मासिक शुल्क और मौके पर जुर्माना तय

एनडीएमसी ने नए अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को दी मंजूरी, मासिक शुल्क और मौके पर जुर्माना तय

एनडीएमसी ने नए अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को दी मंजूरी, मासिक शुल्क और मौके पर जुर्माना तय
Modified Date: September 22, 2026 / 04:27 pm IST
Published Date: September 22, 2026 4:27 pm IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए उप-नियमों के तहत अब लुटियंस दिल्ली क्षेत्र के आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक परिसरों में कचरा उत्पन्न करने वाले लोगों के लिए मासिक उपयोगकर्ता शुल्क देना और जुर्माना अनिवार्य कर दिया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इन उप-नियमों को सोमवार को हुई परिषद की बैठक में मंजूरी दी गई और बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया जाएगा।

नियमों के अनुसार, आवासीय संपत्तियों के लिए 50 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर 100 रुपये, 200 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर 200 रुपये और 200 वर्ग मीटर से बड़े भूखंडों पर 300 रुपये प्रति माह का शुल्क लगेगा।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुसार, स्थानीय निकाय अपने उप-नियमों के तहत कचरा उत्पन्न करने वालों पर उपयोगकर्ता शुल्क लगा सकते हैं।

नागरिक निकाय ने यह भी तय किया है कि रेहड़ी-पटरी वालों को 200 रुपये प्रति माह, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को 800 रुपये तथा वाणिज्यिक कार्यालयों, बैंकों और शैक्षणिक संस्थानों को 3,000 रुपये प्रति माह देने होंगे।

होटल/रेस्तरां और स्वास्थ्य सेवा संस्थानों के लिए मासिक शुल्क 3,000 रुपये से लेकर 7,400 रुपये तक तय किया गया है। 3,000 रुपये का शुल्क बिना स्टार वाले होटलों, छोटे रेस्तरां और 50 बिस्तर वाले छोटे अस्पतालों पर लागू होगा, जबकि 7,400 रुपये का शुल्क पांच सितारा होटलों, शॉपिंग मॉल और पार्टी लॉन पर लगेगा। नए नियमों के मुताबिक, 30 दिनों से अधिक समय तक बकाया न चुकाने पर 10 प्रतिशत का विलंब भुगतान शुल्क लगाया जाएगा।

उप-नियमों में मौके पर ही जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। इसमें सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाने, वाहनों से कचरा फेंकने और घरेलू कचरे का पृथक्करण न करने पर 500 रुपये से लेकर खुले में कचरा जलाने, निर्माण सामग्री का अनधिकृत निस्तारण करने और बिना छांटा हुआ वाणिज्यिक कचरा फेंकने पर 7,500 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

भाषा सुमित मनीषा

मनीषा


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