पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में करीब 23 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज: एडीआर की रिपोर्ट

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पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में करीब 23 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज: एडीआर की रिपोर्ट

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  • Publish Date - March 30, 2026 / 05:06 PM IST,
    Updated On - March 30, 2026 / 05:06 PM IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के करीब 23 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने नाम पर आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है, जबकि 41 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं। ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

चुनाव सुधारों पर काम करने वाले इस गैर-सरकारी संगठन ने नौ अप्रैल को होने वाले चुनाव में 30 सीट पर चुनाव लड़ रहे 294 उम्मीदवारों में से 291 के हलफनामों का विश्लेषण किया। चुनाव परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे।

चुनाव लड़ रहे 294 उम्मीदवारों में से 34 राष्ट्रीय दलों से, 63 राज्य दलों से, 80 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों से, जबकि 117 निर्दलीय हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 66 उम्मीदवारों (23 प्रतिशत) ने अपने नाम पर आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है, जबकि 2021 में 323 उम्मीदवारों में से 54 (17 प्रतिशत) ने ऐसा किया था।

इन 66 में से 38 (13 प्रतिशत) गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जबकि 2021 में यह संख्या 28 (9 प्रतिशत) थी।

प्रमुख दलों में शामिल कांग्रेस के 21 उम्मीदवारों में से तीन, अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस के 16 उम्मीदवारों में से चार, द्रमुक के 12 उम्मीदवारों में से छह और भाजपा के 10 उम्मीदवारों में से पांच ने अपने हलफनामों में आपराधिक मामलों की जानकारी दी है।

इनमें से तीन उम्मीदवारों पर महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले दर्ज हैं, जबकि दो उम्मीदवारों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या के मामले दर्ज हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘प्रमुख राजनीतिक दलों ने 14 से 50 प्रतिशत तक ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।’’

गौरतलब है कि 13 फरवरी, 2020 के उच्चतम न्यायालय के एक आदेश में राजनीतिक दलों को आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों को बिना आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों के मुकाबले टिकट देने के कारणों को स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया था।

एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में हुए दो राज्य चुनावों में यह देखा गया कि राजनीतिक दलों ने अपने चयन को उचित ठहराने के लिए उम्मीदवार की ‘लोकप्रियता’, ‘सामाजिक कार्यों का रिकॉर्ड’, ‘मामलों का राजनीतिक रूप से प्रेरित होना’ आदि जैसे ‘बेबुनियाद’ और ‘आधारहीन’ कारण दिए।

उम्मीदवारों की वित्तीय स्थिति के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि 119 (41 प्रतिशत) उम्मीदवार करोड़पति हैं, जबकि 2021 में 323 में से 74 (23 प्रतिशत) उम्मीदवार करोड़पति थे।

प्रमुख पार्टियों में, कांग्रेस के 21 उम्मीदवारों में से 17, एआईएनआर के 16 उम्मीदवारों में से 16, द्रमुक के 12 उम्मीदवारों में से 11 और भाजपा के सभी 10 उम्मीदवारों ने एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप