Kangana Ranaut Lok Sabha Speech/Image Credit: IBC24.in
Kangana Ranaut Lok Sabha Speech: नई दिल्ली: लोकसभा में देश को वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा हो रही है। यह चर्चा नक्सलवाद को खत्म करने के लिए सरकार की दी गई 31 मार्च की समय सीमा समाप्त होने से एक दिन पहले हो रही है। नक्सलवाद और लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद कंगना रनौत ने केंद्र सरकार की नीतियों की जोरदार तारीफ की। (Kangana Ranaut Lok Sabha Speech) उन्होंने कहा कि, एक साल पहले गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संकल्प लिया था कि 31 मार्च 2026 तक देश से माओवाद को जड़ से खत्म किया जाएगा और अब यह लक्ष्य पूरा होता दिख रहा है।
कंगना रनौत ने कहा कि 1967 में नक्सलवाद की शुरुआत एक छोटी चिंगारी के रूप में हुई थी, जिसे उस समय की सरकार चाहती तो रोक सकती थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने आदिवासी समाज के साथ भेदभाव किया और इस समस्या को बढ़ने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि, उस दौर में वैचारिक दूरी को खत्म करने के बजाय उसे और बढ़ाया गया, जिससे वामपंथी उग्रवादियों को पनपने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि, इन उग्रवादियों ने हजारों हमले किए, 2000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की जान ली और बच्चों को भी हिंसा की राह पर धकेल दिया। (Kangana Ranaut Lok Sabha Speech) उन्होंने कहा कि, जिन बच्चों के हाथ में किताब और लैपटॉप होना चाहिए था, उनके हाथ में बंदूक थमा दी गई और पूरे क्षेत्र को रेड कॉरिडोर और नो गो जोन बनाकर छोड़ दिया गया।
Kangana Ranaut Lok Sabha Speech: कंगना रनौत ने कहा कि, 2014 के बाद हालात बदलने शुरू हुए और सरकार ने विकास और विश्वास की नीति अपनाई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आदिवासी समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए कई कदम उठाए, जिसमें एक आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनाना भी शामिल है। (Kangana Ranaut Lok Sabha Speech) उन्होंने कहा कि सरकार ने सुरक्षा बलों को मजबूत किया और उन इलाकों में फिर से संविधान की व्यवस्था स्थापित की, जहां पहले नक्सलियों का प्रभाव था। उन्होंने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां घर, पानी, आर्थिक सहायता और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाएं पहुंचाई गईं, जिससे नक्सलियों का आर्थिक नेटवर्क कमजोर हुआ।
कंगना ने बताया कि सरकार की सरेंडर नीति के तहत 8000 से ज्यादा युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है और उन्हें आर्थिक मदद व रोजगार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह असम समेत अन्य इलाकों में भी हजारों लोगों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। (Kangana Ranaut Lok Sabha Speech) अंत में उन्होंने कहा कि सरकार ने यह साफ संदेश दिया है कि देश बंदूक की ताकत से नहीं, बल्कि संविधान और जनता के विश्वास से चलेगा। उन्होंने इस दिशा में सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में बड़ा बदलाव है।
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