तटीय कर्नाटक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निजी निवेश की जरूरत: शिवकुमार

तटीय कर्नाटक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निजी निवेश की जरूरत: शिवकुमार

  •  
  • Publish Date - January 10, 2026 / 07:14 PM IST,
    Updated On - January 10, 2026 / 07:14 PM IST

मंगलुरु (कर्नाटक), 10 जनवरी (भाषा) उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने शनिवार को तटीय कर्नाटक में रोजगार सृजन और पर्यटन के पुनरुद्धार के लिए निजी निवेश आकर्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

शिवकुमार ने कहा कि क्षेत्र की अप्रयुक्त क्षमता का लाभ कानून के दायरे में रहकर उठाया जाना चाहिए।

शहर के एक होटल में ‘तटीय कर्नाटक पर्यटन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा कि कई निवेशकों ने पहले इस क्षेत्र में रुचि दिखाई थी, लेकिन विभिन्न बाधाओं के कारण वे पीछे हट गए।

उन्होंने कहा, ‘‘पर्यटन को प्रभावित करने वाली बाधाओं की पहचान कर उन्हें कानूनी रूप से दूर किया जाना चाहिए। तटीय क्षेत्र को नयी गति देने के लिए एक नयी पर्यटन नीति की आवश्यकता है।’’

शासन के स्वरूप पर चर्चा करते हुए शिवकुमार ने कहा कि राजनीतिक पद अस्थायी होते हैं, लेकिन विकास के अवसर नहीं।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए राजनीति महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि लोगों के लिए काम करने और आजीविका के अवसर पैदा करने के मौके का उपयोग किया जाए।’’

क्षेत्र की भौगोलिक विशेषताओं का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि तटीय कर्नाटक में गोवा के समान ही समुद्र तट और प्राकृतिक परिदृश्य हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘लोग समुद्र तटों के लिए गोवा जाते हैं, लेकिन हमारे पास भी वैसे ही तट मौजूद हैं। क्षमता की कमी नहीं है, बस उचित योजना और उपयोग की आवश्यकता है।’’

मंगलुरु को ‘‘मृत शहर’’ कहने वाली अपनी पिछली टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देते हुए शिवकुमार ने कहा कि इसका उद्देश्य विचार और कार्रवाई को प्रेरित करना था।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा इरादा मंगलुरु को जीवंत बनाना है। इसके लिए हम स्थानीय प्रतिनिधियों और सभी विधायकों से सुझाव लेंगे।’’

भाषा सुमित नेत्रपाल

नेत्रपाल