खदानों के परिचालन में लाने में लगने वाला समय कम करने की आवश्यकता: जी किशन रेड्डी

खदानों के परिचालन में लाने में लगने वाला समय कम करने की आवश्यकता: जी किशन रेड्डी

खदानों के परिचालन में लाने में लगने वाला समय कम करने की आवश्यकता: जी किशन रेड्डी
Modified Date: January 9, 2026 / 05:33 pm IST
Published Date: January 9, 2026 5:33 pm IST

अहमदाबाद, नौ जनवरी (भाषा) केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने शुक्रवार को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए खानों को परिचालन में लाने में लगने वाले समय को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया और राज्यों से घरेलू मांग को पूरा करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कचरे से महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर खनन परिवेशी तंत्र तेजी से बदल रहा है और शहरी खनन में अपार संभावनाएं हैं।

रेड्डी गांधीनगर के ‘महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर’ में ‘राष्ट्रीय खनिज चिंतन शिविर – 2026’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी मौजूद थे।

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उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती खनन भू-राजनीति, महत्वपूर्ण खनिजों पर ध्यान केंद्रित करने, नई प्रौद्योगिकी के आने, टिकाऊ लक्ष्यों और प्रतिस्पर्धी खनन बाजारों के कारण वर्तमान में खनन क्षेत्र वैश्विक स्तर पर एक गतिशील चरण में है।

रेड्डी ने कहा, ‘वैश्विक स्तर पर खनन का पूरा तंत्र तेजी से बदल रहा है। आज यह क्षेत्र न केवल विकास और औद्योगिक वृद्धि का माध्यम है, बल्कि भारत की भू-राजनीतिक शक्ति, रणनीतिक सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव का एक महत्वपूर्ण आधार भी बन गया है।’

उन्होंने कहा, ‘हमें नई तकनीकों को अपनाकर अन्वेषण में तेजी लानी होगी। मंजूरी प्राप्त करने में लगने वाले समय को कम से कम किया जाना चाहिए। खनन कार्य जल्द से जल्द शुरू होना चाहिए। असम में एक खदान केवल नौ महीनों में शुरू हो गई थी। हमें इसी तरह की गति और दक्षता के साथ काम करने की जरूरत है।’

भाषा

शुभम मनीषा

मनीषा


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