नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक : पांच आरोपी सात दिन के लिए सीबीआई हिरासत में

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नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक : पांच आरोपी सात दिन के लिए सीबीआई हिरासत में

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  • Publish Date - May 14, 2026 / 10:24 PM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 10:24 PM IST

नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को पूछताछ के लिए बृहस्पतिवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की सात दिन की हिरासत में भेज दिया।

अदालत ने इसी के साथ टिप्पणी की कि इन आरोपों से संकेत मिलता है कि परीक्षा के गोपनीय प्रश्न पत्रों को लीक करने और आर्थिक लाभ के लिए प्रसारित करने में एक ‘‘संगठित गिरोह’’ की भूमिका थी।

सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने संघीय एजेंसी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें यश यादव, मांगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और शुभम मधुकर खैरनार को सात दिन की हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था।

अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘‘इस मामले में एक बड़ी साजिश का पहलू मौजूद है और जांच अभी शुरुआती चरण में है। पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के साथ-साथ इस संगठित प्रश्नपत्र लीक गिरोह के सभी सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने और अपराध में संलिप्तता को साबित करने वाली सामग्री बरामद करने के लिए आरोपियों की हिरासत मांगी गई है।’’

न्यायाधीश ने कहा कि आरोपों से एक व्यापक साजिश का संकेत मिलता है और जानकारी लीक होने के स्रोत का पता लगाने तथा इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।

अदालत ने कहा, ‘‘यह बताया गया है कि नीट-2026 परीक्षा तीन मई, 2026 को आयोजित की गई थी। हालांकि, आरोप है कि परीक्षा की निर्धारित तिथि से पहले, प्रश्न पत्र जिसमें बड़ी संख्या में वही प्रश्न थे (जो नीट परीक्षा 2026 में भी आए थे), लीक हो गया और आर्थिक लाभ के लिए संगठित तरीके से प्रसारित किया गया।’’

सीबीआई ने आरोपियों की हिरासत के लिए दाखिल अर्जी में कहा कि तीन मई को नीट-2026 से होने से पहले व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के माध्यम से पीडीएफ प्रारूप में प्रश्न प्रसारित किए गए जिससे परीक्षा की शुचिता भंग हुई।

सीबीआई का पक्ष रखने के लिए पेश हुईं विशेष लोक अभियोजक नीतू सिंह ने कहा कि आरोपी शुभम खैरनार ने कथित तौर पर पुणे के एक व्यक्ति से लीक प्रश्नपत्र प्राप्त किया था, जिसने इसे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) में एक संपर्क के माध्यम से प्राप्त किया था, और इसे सह-आरोपी यश यादव तक पहुंचाने में मदद की।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि यादव ने बाद में आरोपी मांगीलाल खटिक के साथ 10 लाख रुपये का करार किया और लीक प्रश्नपत्र परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों और अन्य लोगों के बीच वितरित किया।

एजेंसी ने आरोप लगाया कि विकास बिवाल ने कई उम्मीदवारों से संपर्क किया और लीक हुए प्रश्न पत्रों को प्रसारित करने के लिए व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम के माध्यम से यादव के साथ उनके विवरण साझा किए।

विशेष लोक अभियोजक सिंह ने अदालत के समक्ष कहा, ‘‘बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने और एनटीए और अन्य विभागों के उन अधिकारियों की पहचान करने के लिए उनकी हिरासत आवश्यक है, जो परीक्षा से पहले राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट -यूजी) 2026 के प्रश्नपत्र के लीक होने में शामिल थे।’’

बचाव पक्ष के वकील ने सभी पांच आरोपियों की हिरासत का विरोध करते हुए दलील दी कि गिरफ्तारियां अवैध थीं और दस्तावेजी साक्ष्य पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं।

भाषा धीरज नरेश

नरेश