Vande Bharat: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर मौत का सैलाब, 273 लोगों की मौत, तबाही के बाद भारत बना मददगार

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Nepal Tibet Border Flood News: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर मौत का सैलाब, 273 लोगों की मौत, तबाही के बाद भारत बना मददगार

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 11:46 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 11:46 PM IST

Nepal Tibet Border Flood News | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • नेपाल में कुदरत का कहर!
  • फ्लैश फ्लड में 273 की मौत
  • 1500 लोग अब भी लापता

नई दिल्ली: Nepal Tibet Border Flood News पानी का वो सैलाब जो अपने साथ सब कुछ बहा ले गया। पल भर में घर मलबे में बदल गए और जिंदगियां लापता हो गईं। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद तबाही की तस्वीर अब और भयावह होती जा रही है। (Nepal Flood News) बुधवार सुबह अचानक आए तेज जल प्रवाह ने देखते ही देखते गांव, सड़कों, पुलों, बिजली परियोजनाओं को अपनी चपेट में ले लिया और उसके बाद सब तरफ सिर्फ तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, 1000 से ज्यादा के लापता होने की खबर है, जिनमें 300 भारतीय शामिल हैं. इस मुश्किल घड़ी में भारत ने एक बार फिर पड़ोसी धर्म निभाते हुए नेपाल के लिए बड़े पैमाने पर राहत सामग्री भेजी है।

Nepal Tibet Border Flood News नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ की तबाही की तस्वीर देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए और अब इस हादसे में मरने वालों का आंकड़ा 273 तक पहुंच गया है। इनमें नेपाल में 270 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई है। वहीं, करीब 1,500 लोग अब भी लापता हैं।

सिर्फ नेपाल में 900 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी है। इनमें 32 देशों के करीब 525 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। चीन की सरकारी वेबसाइट CCTV के मुताबिक, तिब्बत में 550 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में 288 भारतीयों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें 73 लोग त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करते हैं। अब तक 21 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया है। वहीं, तिब्बत में फंसे करीब 200 भारतीयों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है।

भारत ने गुरुवार सुबह दिल्ली के हिंडन एयरबेस से C-17 सैन्य परिवहन विमान के जरिए 35-37 टन राहत सामग्री नेपाल भेजा है। इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं। ये राहत अभियान भारत की तरफ से भारत की तरफ से भेजी जा रही अतिरिक्त मानवीय सहायता का हिस्सा है. नेपाल ने इस मदद के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया है।

ये कोई पहला मौका नहीं है। जब भारत ने अपने पड़ोसी मुल्क नेपाल की मदद की है। इससे पहले नेपाल में आया 2015 का भूकंप हो या फिर साल 2024 में आई बाढ़ हो। भारत ने बिना वक्त गंवाए नेपाल को हर संभव मदद की है और यही भारत की वसुधैव कुटुंबकम की नीति भी है।

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नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर कितने लोग मारे गए हैं?

अब तक 273 लोग (नेपाल में 270 और तिब्बत में 3)।

कितने लोग लापता हैं?

करीब 1,500 लोग, जिनमें 300 भारतीय शामिल हैं।

भारत ने क्या मदद भेजी है?

C-17 विमान से 35-37 टन राहत सामग्री, जिसमें कंबल, दवाइयां, हाइजीन किट और सोलर लैंप शामिल हैं।