नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद त्रिशूली-1 विद्युत परियोजना स्थल से 63 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
इस बीच, दिल्ली सरकार नेपाल और उससे आगे बाढ़ प्रभावित इलाकों की यात्रा पर गए राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से पहले मानसरोवर गए 25 लोगों का एक समूह लौट आया है।
अधिकारियों के अनुसार, त्रिशूली-1 परियोजना स्थल से बचाए गए भारतीय नागरिकों की सूची इस प्रकार है:
1. सुरेश सिंह राजपूत
2. सुमित कुमार खरे
3. मुकेश कुमार
4. सचिन कुमार
5. जशमंत सिंह
6. चंदन तिवारी
7. देवन कुमार शाह
8. अमरेंद्र कुमार यादव
9. ओम प्रकाश यादव
10. संपत कुमार
11. नीरज कुमार ठाकुर
12. जय हंसदा
13. सुनील कुमार सिंह
14. उपेंद्र बर्णवाल
15. राहुल कुमार गुप्ता
16. नीरज कुमार पटेल
17. सनोवर आलम
18. उपेंद्र भसीन
19. योगेश कुमार
20. मोहम्मद अकरम आलम
21. मोहम्मद इंजमामुल हक
22. अभिषेक कुमार
23. अभिषेक यादव
24. मंगल सिंह
25. पंकज कुमार शाह
26. नीलेश कुमार
27. आशुतोष
28. लक्ष्मण तिवारी
29. गांगुली पटेल
30. इंद्रजीत कुमार
31. ज्ञान सिंह
32. जय कृष्णा
33. नागेश तल्लूर
34. शाहरुख
35. निपिंद्र मंडल
36. सद्दाम हुसैन
37. राज कुमार तिवारी
38. आलोक कुमार शाह
39. अरुण कुमार शाह
40. सत्येंद्र कुमार सिंह
41. बिट्टू कुमार
42. आदि आबेद बसुमतारी
43. के. के. पांडेय
44. अभिषेक तिवारी
45. आकाश
46. प्रदीप
47. रंजन कुमार
48. पवन लोधी
49. अनिल
50. विजय प्रसाद
51. नारायण बहादुर
52. जन्मेजय सिंह
53. सुनील गिरि
54. रोशन कुमार
55. विशामेर सिंह
56. सुहैल मुस्तफा
57. नीलेश
58. प्रमोद गुप्ता
59. जितेंद्र राम
60. नितेश कुमार सिंह
61. निजाउद्दीन
62. कवि कुमार
63. रोहित वर्मा
भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि संकट से निपटने में वह नेपाल के साथ ‘‘कंधे से कंधा मिलाकर’’ खड़ा है। नेपाल और तिब्बत में अचानक आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को बढ़कर 389 हो गई। बचावकर्मी कई भारतीय नागरिकों समेत अब भी लापता सैकड़ों लोगों का पता लगाने के प्रयास में जुटे हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शीर्ष अधिकारियों तथा काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ बैठक के बाद कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों की स्थिति और उनकी कुशलक्षेम का पता लगाने के लिए नयी दिल्ली जुटी हुई है।
विदेश मंत्रालय ने इससे पहले दिन में बताया था कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद कम से कम 290 भारतीय अब भी लापता हैं और करीब 200 अन्य चीन की ओर फंसे हुए हैं। उनके बचाव के लिए भारत दोनों देशों के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत की तत्काल प्राथमिकता लापता भारतीयों का पता लगाना और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नेपाल में लापता भारतीयों में जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले लोग और विभिन्न राज्यों से गए पर्यटक शामिल हैं।
इस बीच, दिल्ली सरकार के अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निजी यात्रा पर गए अन्य निवासियों के बारे में भी जानकारी एकत्र कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, तमिलनाडु और पुडुचेरी से कुल 106 लोग मानसरोवर यात्रा पर गए थे। इनमें से 20 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 37 अब भी लापता हैं।
इसके अलावा कर्नाटक के कम से कम 13 लोग नेपाल और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इनमें 11 लोग बेंगलुरु शहरी जिले के हैं।
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