नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) सरकार ने लोकसभा को बृहस्पतिवार को बताया कि मध्यम और भारी वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए, खासकर ‘ब्रेक प्रणाली’ पर ध्यान केंद्रित करते हुए कई उपाय अनिवार्य किये गए हैं।
ब्रेक प्रणाली के प्रदर्शन के मूल्यांकन को बेहतर बनाने के लिए ट्रकों के वास्ते एक अक्टूबर 2027 से एक संशोधित ब्रेक मानक अनिवार्य किया गया है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि पहले यह मानक केवल मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) द्वारा निर्मित बसों पर लागू होता था।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने लोकसभा को बताया कि ट्रकों के लिए एक अक्टूबर 2027 से इलेक्ट्रॉनिक स्थिरता नियंत्रण प्रणाली अनिवार्य किया गया है। इससे ब्रेकिंग प्रणाली में सुधार होगी और खासकर मोड़ पर ब्रेक लगाने की स्थिति में वाहन को स्थिरता मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इसके अलावा, ‘उन्नत आपातकालीन ब्रेकिंग प्रणाली’ (एआईएस 162) को अनिवार्य कर दिया गया है, जो आपातकालीन स्थितियों में चालक के प्रतिक्रिया करने में विफलता की स्थिति में स्वचालित ब्रेक प्रदान करता है, ताकि टक्कर होने से बचा जा सके या टक्कर के प्रभाव को कम किया जा सके।
गडकरी ने कहा कि इसके अलावा, जनवरी 2028 से ‘लेन डिपार्चर वार्निंग सिस्टम’ अनिवार्य कर दिया गया है, जो वाहन के निर्धारित मार्ग से हटने पर चेतावनी देता है।
गडकरी ने बताया कि चालक की थकान को कम करने के लिए अक्टूबर 2025 से ट्रक के केबिन में एयरकंडीशन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
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