लुधियाना, 11 जनवरी (भाषा) जालंधर बाईपास के पास एक सुनसान जगह से बृहस्पतिवार को 35 वर्षीय एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था। पुलिस की जांच में इस मामले को लेकर नए विवरण सामने आए हैं।
शव का पोस्टमार्टम करने वाले तीन सदस्यीय चिकित्सा विशेषज्ञ बोर्ड ने पाया कि पीड़ित की हत्या से पहले उसके बाएं हाथ में इंजेक्शन दिया गया था।
हालांकि, आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में भेजे गए विसरा के नमूनों के विश्लेषण के बाद ही मौत के सटीक कारण का पता चल पाएगा।
शव को पोस्टमार्टम के लिए छह टुकड़ों में लाया गया था, जिसमें दाहिना हाथ गायब था। पुलिस लापता हाथ की तलाश कर रही है।
इस मामले में दो आरोपियों (पति-पत्नी) को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी की पहचान शमशेर उर्फ शेरा के रूप में हुई है और वह पेशे से बढ़ई है।
बाईपास के पास बृहस्पतिवार को एक सुनसान जगह से क्षत-विक्षत शव मिला था।
पीड़ित दविंदर कुमार, लुधियाना की भारती कॉलोनी का निवासी था और हाल ही में मुंबई से लौटा था। मुंबई में वह एक प्रिंटिंग और ग्राफिक डिजाइन की दुकान में काम करता था।
जांच में खुलासा हुआ कि दविंदर और शमशेर घनिष्ठ मित्र थे और पैसों को लेकर हुए विवाद के कारण यह हत्या की गयी होगी।
आरोपियों ने कथित तौर पर आरी की मदद से शव को क्षत-विक्षत किया और उसे ड्रम में भरकर एक खाली भूखंड पर फेंक दिया।
एक राहगीर ने ड्रम देखा जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
भाषा
शुभम धीरज
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