Congress-DMK alliance, image source: pti
New Delhi News: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और सत्तारूढ़ डीएमके के बीच गठबंधन को लेकर तनाव गहराता जा रहा है। सीट बंटवारे और सत्ता में हिस्सेदारी की मांग पर दोनों दलों के नेताओं में मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी विदेश से लौटकर 13 जनवरी को तमिलनाडु पहुंचेंगे।
राहुल गांधी नीलगिरी जिले के एक स्कूल की 50वीं वर्षगांठ में शामिल होंगे। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल इसी स्कूल में ठहरे थे। माना जा रहा है कि इस दौरे में उनका भाषण कांग्रेस और डीएमके के बीच चल रही सियासी तनातनी पर असर डाल सकता है।
बता दें कि हाल ही में सुपरस्टार विजय की राजनीति में एंट्री के बाद कांग्रेस के कुछ नेताओं ने डीएमके की बजाय विजय से तालमेल की वकालत की। इसके बाद कांग्रेस सांसद माणिक टैगोर ने सीटों की संख्या 25 से बढ़ाकर 35 करने और सत्ता में हिस्सेदारी की मांग रख दी। डीएमके नेताओं ने इस पर नाराज़गी जताई और टैगोर को निशाने पर लिया।
ग्रामीण विकास मंत्री पेरिसामी ने साफ कहा कि डीएमके ने हमेशा अकेले शासन किया है और गठबंधन सरकार का सवाल ही नहीं उठता। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन भी इसी रुख पर कायम हैं।
वहीं कांग्रेस आलाकमान ने डीएमके से बातचीत के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। 18 जनवरी को दिल्ली में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तमिलनाडु कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक करेंगे। कांग्रेस विधानसभा चुनाव में 40 सीटों की मांग कर रही है, जबकि डीएमके इसके लिए तैयार नहीं है।
बहरहाल यह देखना होगा कि राहुल गांधी का यह दौरा और आगामी बैठकों के बाद तमिलनाडु में कांग्रेस–डीएमके गठबंधन किस रूप में आगे बढ़ेगा और सीट बंटवारे का विवाद कैसे सुलझेगा।