नयी श्रम संहिताएं एकतरफा; नियोक्ता को पहुंचाती हैं फायदा : शिवसेना (उबाठा) सांसद

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नयी श्रम संहिताएं एकतरफा; नियोक्ता को पहुंचाती हैं फायदा : शिवसेना (उबाठा) सांसद

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 06:40 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 06:40 PM IST

नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) शिवसेना (उबाठा) सांसद अनिल यशवंत देसाई ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि नयी श्रम संहिताएं नियोक्ता को फायदा पहुंचाती है और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इनमें कोई प्रावधान नहीं किया गया है।

देसाई ने केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) उपकर पर बजट में कोई उल्लेख नहीं किया गया है। उन्होंने वित्त मंत्री से इस पर सरकार का रुख स्पष्ट करने को कहा।

उन्होंने कहा कि चार नयी श्रम संहिताएं नियोक्ता को फायदा पहुंचाती हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इनमें कोई प्रावधान नहीं किया गया है।

कांग्रेस के राहुल कस्वां ने राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा राज्य के स्कूलों की स्थिति पर की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि लड़कियां स्कूल में पानी इसलिए कम पीती हैं कि वहां शौचालय चालू हालत में नहीं हैं।

उन्होंने बजट में, 15 हजार से अधिक स्कूलों में ‘एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स’ लैब खोले जाने की घोषणा को लेकर सवाल किया कि इसके लिए प्रशिक्षक कहां से लाए जाएंगे।

कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि केंद्र सरकार की उदासीनता के कारण केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में 12 हजार से अधिक तकनीकी पद रिक्त हैं और इन स्कूलों में छात्रों की संख्या घटती जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल केंद्र महज प्रमाणपत्र वितरण केंद्र बन कर रह गए हैं।

उन्होंने यह दावा भी किया कि राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत 2021 में शुरू की गई परियोजनाएं अब तक पूरी नहीं हुई हैं।

द्रमुक के टी.आर बालू ने तमिलनाडु में नारियल उत्पादन पेड़ों में जड़ संबंधी रोगों के कारण घटने का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इससे निजात दिलाने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया है।

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा में जनता दल (यूनाइटेड) के दिलेश्वर कामत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के बजरंग मनोहर सोनवाने और तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के बी नागाराजू ने भी भाग लिया।

भाषा सुभाष वैभव

वैभव